लोक लाज के चलते की थी नवजात की हत्या
क्षेत्रकेगांव 22 आरबी में 25 सितंबर को खाले में नवजात बच्ची का शव मिलने के मामले का गजसिंहपुर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार गांव 67 आरबी (रायसिंहनगर) निवासी महिला ने शादी के करीब चार माह बाद 23 सितंबर को रायसिंहनगर के प्राइवेट अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। समाज में प्रतिष्ठा खराब होने के डर से बच्ची के ननिहाल पक्ष के लोगों ने बच्ची को खाले में फेंक दिया।
पुलिस ने बच्ची की हत्या के आरोप में भालाराम पुत्र नीलूराम निवासी पंडितांवाली, पीलीबंगा, विजेंद्र पाल पुत्र हरजीराम निवासी अमरपुरा थेड़ी हनुमानगढ़ टाउन, जीयाराम पुत्र मन्नूराम निवासी घमंडिया सूरतगढ़ मदनलाल पुत्र चुन्नीराम निवासी प्रेमपुरा पीलीबंगा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उस कार को भी जब्त कर लिया, जिसमें बच्ची को लाकर खाले में फेंका था। आरोपी मदनलाल बच्ची का मामा और विजेंद्रपाल मौसा लगता है। थाना प्रभारी ईश्वर प्रसाद ने बताया कि बच्ची के शव को जब खाले से निकाला गया तब उसके सिर हाथ पर चोट के निशान पाए गए थे। पाेस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में चोट लगना पाया गया। बच्ची के दाएं पैर पर जेलको लगी होने के कारण यह बात सामने आई कि बच्ची जिंदा पैदा हुई है। गांव 22 आरबी रायसिंहनगर क्षेत्र में पड़ने के कारण रायसिंहनगर के अस्पतालों में जांच पड़ताल की गई। बच्ची की फोटो के आधार पर रायसिंहनगर के डॉ. राजू सिंगला के अस्पताल में बच्ची का जन्म होना पाया गया। अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि 23 सितंबर की रात को सामान्य डिलीवरी से इस बच्ची का जन्म हुआ था। अस्पताल स्टाफ ने जांच अधिकारी को बताया कि बच्ची के जरूरी इलाज के चलते उसे भर्ती किया गया था। परिजनों की ओर से बच्ची का इलाज नहीं करवाने की जिद करने पर 24 सितंबर को दोपहर 2 बजे बच्ची उसकी मां को डिस्चार्ज कर दिया गया।
पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में महिला के भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज तक की पूरी प्रक्रिया देखी। बाद में गांव 67 आरबी में जाकर पुलिस ने जांच की तो पता चला कि गांव की एक महिला ने रायसिंहनगर के अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया है। पुलिस के अनुसार महिला के ससुराल वालों ने बच्ची के प्रेमपुरा गांव में रहने वाले ननिहाल पक्ष के लोगों को अस्पताल बुलाया। यहां प्रसूता बच्ची को प्रेमपुरा ले जाना तय किया गया। बाद में आ