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स्वाइन फ्लू से दो और की मौत

6 वर्ष पहले
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हेल्थ रिपोर्टर|श्रीगंगानगर.

स्वाइनफ्लूसे होने वाली लगातार मौतें स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस रोग की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों को विफल साबित कर रही हैं। मंगलवार को हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले के एक-एक और रोगी की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। मरने वाले रोगी श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ निवासी कुलवंत कौर और हनुमानगढ़ के रोड़ांवाली गांव निवासी रामलाल (48) हैं। श्रीगंगानगर जिले में दो पॉजिटिव और बढ़ गए। प्रकोप इस कदर है कि पिछले 20 दिनों के दौरान अकेले श्रीगंगानगर में जिला अस्पताल में संभावित मरीजों का आंकड़ा 57 पहुंच गया। जबकि 12 मरीज पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें मंगलवार को एक और मरीज की मौत के बाद मरने वालों की संख्या 5 हो गई।

नए संभावित और पॉजिटिव मरीजों की बात करें तो 4 नए संभावित मरीज और मिल गए। डॉक्टर ने इनका सैंपल बीकानेर भेजा है। वहीं 2 मरीजों में रिपोर्ट पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही प्राइवेट नर्सिंग होम से अग्रसेन नगर निवासी 3 साल की रूहानी में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखे। हालांकि संभावितों में शामिल कर उसका सैंपल बुधवार को लिया जाएगा।

सादुलशहरके एक और मरीज की पुष्टि

32एएमपी गांव निवासी गुरतेज सिंह की प|ी कर्मजीत कौर को 5 दिन पहले खांसी, जुकाम हुआ। परिजनों ने पास के क्लीनिक में दिखाने के बाद स्वाइन फ्लू की आशंका पर बीकानेर पीबीएम अस्पताल इलाज के लिए ले गए। जहां जांच में कर्मजीत कौर में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इधर सूचना गांव में मिलते ही अफरा तफरी मच गई। गांव के सरपंच गुरसेवक सिंह भोलू, पूर्व डायरेक्टर सुलखन सिंह ने ब्लाॅक सीएमओ डॉ. अजय सिंगला से गांव में सर्वे कराने की मांग की। गौरतलब है कि कुछ समय पहले कर्मजीत कौर पंजाब में रिश्तेदारी में शादी में गई थी। वापस आई तो बीमार थी। वहीं इससे पहले खारा चक गांव के हाकम सिंह की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है।

श्रीगंगानगर. जिला अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती मरीज।

हनुमानगढ़ : स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई और अगले दिन मौत

हनुमानगढ़के रोड़ांवाली गांव निवासी शेराराम का बेटा रामलाल (48) कैंसर से ग्रसित था। परिजनों के मुताबिक रामलाल का कैंसर का इलाज लंबे समय से चल रहा था। पिछले दिनों इलाज के दौरान उसे खांसी, जुकाम और बुखार हो गया। हालत बिगड़ती देख परिजनों ने उसे आसपास अस्पताल में दिखाया। लेकिन फायदा मिलने पर घर वाले उसे बीकानेर ले गए। जहां उसमें जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई। बताया जाता है कि स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के अगले दिन उसकी हालत अधिक बिगड़ गई और मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने मृतक के घर के आसपास सर्वे और टेमी फ्लू दवा वितरित की है।

श्रीगंगानगर:शव से लिए सैंपल की आज मिलेगी रिपोर्ट

पीलीबंगानिवासी दर्शन सिंह छिंपा पिछले कई सालों से प|ी कुलवंत के साथ सूरतगढ़ थर्मल में रह रहे थे। कुछ दिनों से कुलवंत कौर को सर्दी, खांसी, जुकाम था। सूरतगढ़ थर्मल हॉस्पिटल में इलाज हुआ लेकिन फायदा मिलने पर इलाज प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज शुरू हुआ। लेकिन स्वाइन फ्लू के लक्षण देख उन्हें सोमवार शाम श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया। लेकिन रात तक उसकी की मौत हो गई। महिला में स्वाइन फ्लू था या नहीं, इसके लिए मंगलवार सुबह मोर्चरी में डॉ. अनिल खुराना ने उसका सैंपल लिया। कुलवंत की प्राइवेट लैब में जांच कराई रिपोर्टों में उसके मलेरिया की पुष्टि हुई। जबकि स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट गुरुवार को मिलेगी। श्रीगंगानगरजिले में 2 पॉजिटिव, 5 संभावित, कुल मरीज 57

nस्वाइनफ्लू संभावित मृतका के शव से लिया सैंपल

नए संभावित मरीजों में बैंक कर्मचारी भी

मंगलवारको लिए गए सैंपल में पब्लिक पार्क स्थित एसबीबीजे के कर्मचारी विजय खुराना का भी सैंपल शामिल है। विजय को पिछले तीन दिनों से गले में खराश, जुकाम और बुखार था। प्राइवेट क्लीनिक में दिखाने पर डॉक्टर ने उन्हें अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच कराने को कहा। इसके बाद उन्होंने सैंपल दिया।

स्वाइन फ्लू यानी एच1 एन1 वायरस। यह वायरस सबसे पहले सूअरों में पाया गया लेकिन अब यह इंसान से इंसान में फैलता है। सूअरों से इसका कोई संबंध नहीं रह गया है। इसराइल में इसे मैक्सिकनफ्लू थाईलैंडमें नॉर्थअमेरिकन फ्लू कहतेहैं। यह सर्दी में ज्यादा सक्रिय होता है।

लाश से भी इन्फेक्शन| घरमें रखी लाश अौर उसको नहलाने से भी वायरस फैल सकता है। उसके कपड़े आधे घंटे तक पानी में उबालें।

{सर्दी या जुकाम की परेशानी है तो भीड़भाड़ से बचकर रहें।

{तेज बुखार, गले मे खराश है तो अनदेखी नहीं करें।

साबुन से बार-बार हाथ धोने, सेनिटेशन पर ध्यान देने से वायरस से बच सकते हैं।

ये दवाएं कारगर | समयपर टेमी फ्लू दवा लेने पर रिस्क कम हो जाता है। वेक्सीनेशन ट्रायवेलेंट और टैट्रावेलेंट उपलब्ध हैं।

5-10 िदन में असर

इन्फेक्टेडहोने पर स्वाइन फ्लू का वायरस 5 से 10 दिन के बीच पूरा असर करता है।