पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • डेढ़साल की बच्ची क

डेढ़साल की बच्ची क

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हनुमानगढ़. डेढ़साल की बच्ची के साथ 26 अगस्त 2014 को दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी रिटायर्ड फौजी गुरमेजसिंह को कोर्ट ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 36 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
खास बात यह है कि जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेंद्र कुमार पारीक ने यह फैसला एफआईआर दर्ज होने के 29 वें दिन सुनाया है। इस मामले में पुलिस ने तीन दिन में आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था। कोर्ट ने फैसले में अभियुक्त गुरमेजसिंह उर्फ फौजी को आईपीसी की धारा 376(2)(1) के तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास अभियुक्त के प्राकृतिक जीवन तक की सजा सुनाई है।

पीड़िता के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की अनुशंषा : कोर्टने पीड़िता के परिजनों को आईपीसी की धारा 376(2) के तहत जिला विधिक सेवा प्रधिकरण द्वारा क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने का अनुशंषा की है।
यह है मामला

जंक्शन पुलिस थाना क्षेत्र के चक दो केएनजे मक्कासर की पीड़िता के पिता ने 26 अगस्त 2014 को महिला पुलिस थाना में मामला दर्ज करवाया था कि उसकी डेढ़ साल की बच्ची बाहर खेल रही थी। तभी उसका पड़ोसी रिटायर्ड फौजी गुरमेजसिंह उसे बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया और उससे दुष्कर्म किया। बच्ची के चीखने की आवाज सुनते ही वे लोग वहां पहुंचे तब आरोपी मौके से फरार हो गया। इस आरोप में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

तीन दिन में चालान पेश

एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जयपुर से हाथों डेढ़साल की बच्ची के साथ 26 अगस्त 2014 को दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी रिटायर्ड फौजी गुरमेजसिंह को कोर्ट ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 36 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। खास बात यह है कि जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेंद्र कुमार पारीक ने यह फैसला एफआईआर दर्ज होने के 29 वें दिन सुनाया है। इस मामले में पुलिस ने तीन दिन में आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था। कोर्ट ने फैसले में अभियुक्त गुरमेजसिंह उर्फ फौजी को आईपीसी की धारा 376(2)(1) के तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास अभियुक्त के प्राकृतिक जीवन तक की सजा सुनाई है।

पीड़िताके परिजनों को आर्थिक सहायता देने की अनुशंषा : कोर्टने पीड़िता के परिजनों को आईपीसी की धारा 376(2) के तहत जिला विधिक सेवा प्रधिकरण द्वारा क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने का अनुशंषा की है।

तीन दिन में चालान पेश किया था : यह काफी संगीन मामला था। आरोपी को त्वरित सजा मिले, इसके लिए महिला थाना प्रभारी देवानंद को केस ऑफिसर नियुक्त किया गया था तथा मामले की पूरी गहनता से जांच करवाई गई थी। यही नहीं तीन दिन के अंदर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया था। कोर्ट के इस फैसले से ऐसे अपराधों पर अंकुश लगेगा। -शरत कविराज, एसपी हनुमानगढ़.

अपने आप में इतिहास

इस तरह से पीड़िता को त्वरित न्याय मिले तो अपराधियों में खौफ होगा तथा ऐसे अपराधों पर अंकुश लगेगा। इतने कम समय में पहली बार फैसला आया है, जो अपने आप में इतिहास है। -चंद्रकला वर्मा, प्रदेशाध्यक्ष जनवादी महिला समिति