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मुछल चावल के कमजोर रेट से सकते में किसान

7 वर्ष पहले
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हनुमानगढ़. पिछले साल किसानों को अच्छा मुनाफा दिलवाने वाला मुछल चावल इस बार आवक की शुरुआत में दगा देता दिख रहा है। शुक्रवार को हनुमानगढ़ मंडी में कुल 455 क्विंटल मुछल चावल की आवक हुई और यह 2460 रुपए प्रति क्विंटल ही बिका, जबकि पिछले साल मुछल का भाव 4300 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था।
पिछले साल की अपेक्षा 1840 रुपए प्रति क्विंटल रेट कम होने से उत्पादक किसान सकते में हैं। मंडी के जानकारों के मुताबिक अभी नमी की मात्रा अधिक होने के कारण भाव कमजोर हैं लेकिन उनका यह भी कहना है कि इस बार पिछले साल के भावों की उम्मीद करना बेमानी है। मुछल के साथ ही धान की पीआर-11 किस्म की आवक भी शुरू हुई है। शुक्रवार में मंडी में इस किस्म का 250 क्विंटल धान आया जिसका भाव 1405 रुपए प्रति क्विंटल रहा।

इस बार बढ़ा था धान का रकबा

पिछले साल मुछल के अच्छे भाव से उत्साहित होकर किसानों ने इस साल जिले में धान का रकबा करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ाया था। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल धान का रकबा करीब 22 हजार हेक्टेयर था जो इस साल बढ़कर 30 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है। मुछल के अलग आंकड़े उपलब्ध नहीं है लेकिन एक अनुमान के मुताबिक इसमें आधा से अधिक क्षेत्र मुछल किस्म का ही है। कम समय में पकने, अधिक झाड़ होने और बीमारियों का कम शिकार होने के कारण यह किसानों की पसंद है।

बढ़िया वैरायटियों में शामिल है मुछल

मुछल को चावल की अच्छी वैरायटी में माना जाता है। व्यापारियों के मुताबिक इसका दाना बड़ा होता है और इसे बासमती के साथ मिलाकर भी उपयोग किया जाता है। बड़ी मात्रा में मुछल चावल निर्यात होता है और यूरोपियन देशों में इस वैरायटी से तैयार ब्राउन राइस पसंद किया जाता है। व्यापारियों का यह भी कहना है कि जिले में उत्पादित करीब 70 प्रतिशत मुछल चावल हरियाणा और पंजाब में बिकने के लिए जाता है।