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बसंत मेरे शहर में भर दे सुगंध...’

6 वर्ष पहले
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अखिलभारतीय साहित्य परिषद श्री जय लक्ष्मी साहित्य कला एवं नाटक मंच के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को बंसत उत्सव पर एक काव्य गोष्ठी का आयोजन मंच के कला भवन में मंच के वरिष्ठ साहित्यकार कवि निशांत की अध्यक्षता में किया गया। गोष्ठी में सर्वप्रथम कवि बलविंद्र भनौत ने बसंत पर कविता ‘बसंत मेरे शहर में भर दे सुगंध’ पेश कर बंसत पर्व के बारे में बताया। लेखक विजय बवेजा ने बसंत ऋतु की महिमा बताते हुए अपनी कविता ‘बिना हरियाली के कैसे आए बसंत’ ‘नई उमंग जोश लाई आई बंसत ऋतु आई’ सुनाकर बसंत ऋतु के महत्व को कविता के माध्यम से पेश किया। कवि निशांत ने कविता ‘छवि’ सुनाकर इंसान की छवि को कविता के माध्यम से पेश किया। गजल गायक नवदीप भनौत ने गजल ‘एक धागे ने जीवन दे दिया उन्हें एक करने में’ पेश कर माहौल को खुशनुमा बना दिया। गणेश जैन ने ‘बसंत ऋतु आई धरती पे हरियाली छाई’ सुनाई। गोष्ठी में अधिवक्ता सोहनलाल सुथार, ओमप्रकाश कोलाया, बिंद्र सिंह, राहुल आदि उपस्थित थे। गोष्ठी का संचालन विजय बवेजा ने किया।