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सूरतगढ़ क्षेत्र में पहुंचा घग्घर का पानी

7 वर्ष पहले
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घग्घरनदी में शुक्रवार शाम पानी की आवक होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। नाली बेल्ट के किसान लंबे समय से बहाव क्षेत्र में पानी आने का इंतजार कर रहे थे, क्योंकि बहाव क्षेत्र में जिन किसानों ने धान की रोपाई कर रखी थी, वे फसल को पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिलने से चिंतित थे।

साथ ही पानी के अभाव में धान जल रहा था। यही नहीं किसान धान की फसल को बचाने के लिए ट्यूबवैल का पानी लगा रहे थे। इससे किसानों को अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा था। घग्घर नदी में पानी की आवक देरी से होने के कारण सैकड़ों बीघा जमीन धान की रोपाई से वंचित रह गई थी। दो-ढाई महीने देरी से आए पानी से बालों पर आई धान की फसल को फायदा होगा। यानि धान की फसल को जीवनदान मिलेगा। किसान सुंदर छिंपा, ओमप्रकाश कड़वासरा, इंद्रसेन गोदारा महावीरसिंह सैनी ने बताया कि पिछले वर्ष बहाव क्षेत्र में जून में पानी की आवक होने से किसानों ने समय पर नाली बहाव क्षेत्र में धान की रोपाई की थी। बहाव क्षेत्र में एक बीघा जमीन भी खाली नहीं रही थी। इस बार पानी की आवक सितंबर में होने से कई किसान धान लगाने से वंचित रह गए। इससे उनको आर्थिक नुकसान सहना पड़ा है। कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक भाखड़ा नहर परियोजना में इस बार 2660 हेक्टेयर इंदिरा गांधी नहर परियोजना में 1030 हेक्टेयर में धान की रोपाई हो पाई है, जो गत वर्ष की अपेक्षा कम है।

पानीकी आवक से धान को मिलेगा फायदा

पर्याप्तबारिश नहीं होने बहाव क्षेत्र में पानी की आवक नहीं होने से धान की फसल झुलस रही थी। साथ ही उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पडऩे की आशंका थी। बहाव क्षेत्र में पानी की आवक होने से धान की फसल को फायदा मिलेगा। साथ ही उत्पादन बढ़ेगा। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक घग्घर बहाव क्षेत्र में आने वाले पानी में सूक्ष्म तत्व मिले होने से धान की फसल को पर्याप्त मात्रा मे पोषक तत्व मिलेंगे। इससे उत्पादन बढ़ेगा और गुणवत्ता में भी सुधार होगा। धान की फसल इन दिनों बालियों पर होने से उसे पानी की जरूरत होती है जिसकी पूर्ति हो सकेगी।

रबीकी हो सकेगी बिजाई

धानकी रोपाई से वंचित किसान सुंदर छिंपा, त्रिलोकाराम सुथार नेमीचंद छिंपा ने बताया कि वे नाली बेल्ट मे पानी की आवक नहीं होने से धान की फसल लेने से वंचित हो गए। लेकिन नाली में पानी आने से रबी की बिजाई समय पर कर सकेंगे। किसानों का कहना ह