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सरकार के निर्देश के बावजूद मनमर्जी से खुल रहे हैं प्राइवेट स्कूल
राज्यसरकार ने भले ही शिविरा पंचाग जारी करते हुए एक सितंबर से स्कूलों का समय बदल दिया हो लेकिन जिले के प्राइवेट स्कूल मनमर्जी के समय ही खुल रहे हैं। हालत यह है कि सभी स्कूलों का समय ही अलग हो गया है। कुछ स्कूल पूर्व की भांति साढ़े सात बजे ही खुल रहे हैं तो कुछ स्कूल संचालकों ने इसमें एक-आध घंटे की तब्दीली की है। हालत यह है कि राज्य सरकार की ओर से निर्धारित समय पर इक्का-दुक्का स्कूल ही लगाए जा रहे हैं। इस सबके बीच शिक्षा विभाग के अधिकारी मूक दर्शक बने हुए हैं। हालांकि शिविरा पंचाग का पालन करना सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूलों सहित सभी पर लागू होता है लेकिन स्कूल संचालक इसे मानने के लिए तैयार नहीं है। इसके चलते अभिभावक असमंजस की स्थिति में हैं। सभी स्कूलों में समान शिक्षा व्यवस्था और पढ़ाई का समान समय भी लागू नहीं हो पा रहा है।
गर्मीको बताया जा रहा है वजह
सामान्यत:स्कूलों का समय एक अक्टूबर से बदला जाता है लेकिन इस सत्र में राज्य सरकार ने स्कूलों का समय एक सितंबर से ही बदल दिया। अब सरकारी स्कूल सुबह दस बजे से लेकर दोपहर बाद चार बजे तक संचालित हो रहे हैं। प्राइवेट स्कूलों को भी इसी समय संचालित करने के निर्देश हैं लेकिन स्कूल संचालक अभी गर्मी अधिक होने की बात कहकर इसका पालन नहीं कर रहे हैं। यही वजह है कि सड़कों पर दिन भर स्कूली बच्चे और बाल वाहिनियां दिखाई देती हैं। सुबह साढ़े सात बजे से दस बजे तक अलग-अलग समय पर बच्चे स्कूल जाते रहते हैं और दोपहर बाद एक बजे से चार बजे तक बालवाहिनियां सड़कों पर दौड़ती नजर आती हैं।
शिक्षा विभाग नहीं करता कार्रवाई
^स्कूलभले ही शिविर पंचाग का पालन नहीं कर रहे हो लेकिन शिक्षा विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता है। अधिकारियों के मुताबिक इस संबंध में लिखित शिकायत करने पर ही कार्रवाई का प्रावधान है। अभी तक कोई लिखित शिकायत मिलने के कारण कार्रवाई नहीं की गई है। गर्मी अधिक होने के कारण कुछ स्कूल तय समय पर नहीं खुल रहे हैं। अब 15 दिन का समय बाकी है। एक अक्टूबर से तो सभी स्कूलों का समय बदल ही जाता है। सुरेशचंद शर्मा, जिलाध्यक्ष,स्वयंसेवीशिक्षण संस्था संघ
^शिविरापंचाग सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूलों सहित सभी स्कूलों पर लागू होता है। इसका पालन करना अनिवार्य है। कुछ स्कूल निर्धारित समय पर नहीं खुल रहे हैं लेकिन इस संबंध में लिखित शिकायत मिलने पर ही का