नए मास्टर प्लान में टिब्बी रोड से मेगा हाईवे तक बाइपास रोड का प्रस्ताव
शहरके नए मास्टर प्लान को लेकर शुक्रवार को नगरपरिषद सभागार में पार्षदों नागरिकों से सुझाव लिए गए। खास बात रही कि इसमें पार्षदों से ज्यादा आमजन ने सुझाव दिए। पार्षदों से अलग से सुझाव लेने के लिए सभापति की अध्यक्षता में जल्द बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया है। बैठक में कुल आए 54 सुझावों में से ज्यादातर कृषि भूमि को नगर नियोजन में शामिल करने से संबंधित है। वहीं कई सुझाव ऐसे हैं जिनको अगर मास्टर प्लान में शामिल किया गया तो शहर की जनता को भविष्य में बड़ा फायदा होगा। इसमें एक अहम सुझाव टाउन में टिब्बी रोड के नजदीक एसआरएम स्कूल के सामने प्रस्तावित अंडरपास को गुरूसर रोड से जोड़ने के साथ इसी रोड को कोहला नहर के साथ-साथ मेगा हाइवे से जोड़ते हुए फतेहगढ़ रोड तक सड़क निर्माण का है। खास बात है कि इस प्रस्ताव के लिए पीडब्ल्यूडी टीम ने सर्वे कर प्रोजेक्ट रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। इस कार्य के लिए सरकार से साढ़े चार करोड़ रुपए की मांग की गई है। इस बाइपास रोड को मास्टर प्लान में दर्शाने के लिए पार्षद महादेव भार्गव ने सुझाव दिया है। टाउन प्लानर के अधिकारियों ने इस पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। बैठक में नगर नियोजन कार्यालय बीकानेर के डीटीपी गुरुदत्त शर्मा, एटीपी रामनिवास, एईएन राजेंद्र स्वामी, जेईएन बंतासिंह, मास्टर प्लान कंसल्टेंट कंपनी के सौम्य मंडल आदि मौजूद थे।
^मास्टर प्लान पर नागरिकों के साथ पार्षदों से भी सुझाव लिए गए हैं। इन सुझावों की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद मास्टर प्लान के अंतिम प्रारूप को बोर्ड बैठक में पारित किया जाएगा। राजकुमारहिसारिया, सभापति नगरपरिषद हनुमानगढ़
^नएमास्टर प्लान को लेकर सुझाव दिए हैं। इसमें बड़ा सुझाव यह दिया है कि आगामी 20 वर्षों में जितना क्षेत्र विकसित हो सकता है, उसको मद्देनजर रखते हुए शहरी सीमांकन किया जाए। महादेवभार्गव, पार्षद
^नयामास्टर प्लान अप्रैल तक तैयार होने की कंसल्टेंट एजेंसी ने सहमति दी है। इसके तहत सुझाव लिए जा रहे हैं। रामनिवास,एटीपी नगरपरिषद हनुमानगढ़
अगले 20 साल में हनुमानगढ़ शहर आसपास के इलाके में विकास योजनाओं की जरूरतों के हिसाब से नया मास्टर प्लान बनाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। खास बात है कि नए मास्टर प्लान को लेकर सेटेलाइट सिस्टम से जुड़ी जीआईएस मैपिंग (रिमोट सेंसिंग जियो इन्फरमेटिक्स) तकनीक का सहारा लिया जाएगा। इससे पहले मैन्युअल सर्वे के आधार पर मास्टर प्लान तैयार किया जाता था जोकि अब पूरी तरह से हाईटेक हो गया है। इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। नए मास्टर प्लान के लिए सर्वे का काम अंतिम चरण में है।
सैटेलाइट सिस्टम से अप्रैल माह तक तैयार होगा वर्ष 2035 तक का प्लान
मास्टर प्लान को लेकर हुई बैठक में मौजूद पार्षद अधिकारी।