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बाजार में सौ-सौ रुपए में बिक रही हैं सरकारी स्ट्रीट लाइटें

6 वर्ष पहले
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विपक्ष करता रहा चर्चा की मांग और सत्ता पक्ष ने पारित कर दिया बजट

जबकोई पार्षद स्ट्रीट लाइटें लगवाने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को कहता है तो लाइटों की कमी की बात कही जाती है पर सरकारी स्ट्रीट लाइटें बाजार में सौ-सौ रुपए बिक रही है। यह बात सामने आई सोमवार को नगरपरिषद की बजट बैठक में। हैरानी की बात ये रही कि यह आरोप सत्ता पक्ष के ही पार्षद ने बैठक शुरू होने के महज छह मिनट बाद ही लगा दिए। ऐसे में अपराह्न तीन बजे शुरू हुई बैठक मुद्दे से भटक गई और भ्रष्टाचार का मुद्दा ही छाया रहा।

खुद सत्तारूढ़ दल भाजपा के पार्षद सेवाराम नागर ने सरकारी स्ट्रीट लाइट सदन में लहराते हुए कहा कि ये बाजार में सौ-सौ रुपए में मिल रही हैं और कोई पार्षद लाइटें लगवाने के लिए कहता है तो अधिकारी-कर्मचारी लाइटों की कमी की बात कहते हैं। इस मुद्दे पर सफाई देने के लिए खुद आयुक्त को आगे आना पड़ा और उन्होंने इस मामले में जांच का आश्वासन भी दिया। खास बात यह रही कि अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा कर रहे कांग्रेस के पार्षद इस मामले में सेवाराम नागर को ही सलाह देते नजर आए। एक-दो कांग्रेस पार्षदों ने तो दबी जुबान में नागर को सलाह दी कि यह मामला बंद कमरे में आयुक्त के सामने रखना चाहिए था, सदन के सामने नहीं।

नवगठित बोर्ड की पहली बजट बैठक की अध्यक्षता सभापति के अस्वस्थ हाेने के कारण उपसभापति नगीना बाई ने की। हंगामेदार बैठक के बीच 136 करोड़ 39 लाख 89 हजार रुपए का बजट पारित किया जो पिछले वर्ष की तुलना में 20 करोड़ 39 लाख 39 हजार रुपए अधिक है। बैठक में राजकुमार तंवर, राजेश पंवार, सूरतादेवी, माया मेघवाल, मोनिका वधवा, तुलसीराम भोभिया, सुमित रिणवां, भरत सोरगर, सीमा डोडा, असलम अली अादि सदस्य मौजूद थे।

कमराजस्व वसूली पर आयुक्त से मांगा जवाब

विपक्षीपार्षद मनोज सैनी ने राजस्व लक्ष्य के अनुरुप वसूली नहीं होने के मुद्दे पर आयुक्त से जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष के बजट में 50 लाख रुपए नगरीय कर बकाया गृहकर वसूली लक्ष्य रखा गया था लेकिन वसूली चार लाख भी नहीं हुई। आयुक्त के जवाब देने से पहले ही सत्तापक्ष के महादेव भार्गव ने बचाव करने की कोशिश की लेकिन गणेशराज बंसल देवेंद्र पारीक आदि ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राजस्व लक्ष्य पूरा करने का सुझाव दिया। आयुक्त ने बताया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान,नगर निकाय पंचायतराज चुनाव,भामाशाह शिविर सहित अन्य कार्याें में व्यस्तता के चलते लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सका। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि फरवरी मार्च माह में राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने में तेजी लाई जाएगी। महादेव भार्गव ने गणगौर मेला, कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए प्रस्तावित बजट राशि को अपर्याप्त बताते हुए बजट राशि बढ़ाए जाने का सुझाव दिया। अनिल खीचड़ ने एनओसी प्रक्रिया का सरलीकरण किए जाने का मुद्दा उठाया।

हनुमानगढ़. नगरपरिषद की बैठक में हंगामा करते कांग्रेस पार्षद मनोज सैनी अन्य।

विपक्षी पार्षदों की बजट पर चर्चा की मांग के बावजूद सत्तापक्ष ने बिना चर्चा के ही मेजें थपथपाकर बजट पारित कर दिया और सदन से बाहर चले गए। इसको लेकर विपक्षी पार्षदों ने आयुक्त के समक्ष रोष जताया लेकिन उनकी बात नहीं बनीं। इससे बजट बैठक आधे घंटे में ही संपन्न हो गई। दोपहर बाद तीन बजे नगरपरिषद सभागार में बैठक की शुरुआत कार्यवाहक सभापति नगीना बाई ने सदन में मौजूद सदस्यों के स्वागत भाषण से की। इसके बाद आयुक्त श्रवण बिश्नोई ने छह मिनट में बजट प्रस्ताव पढ़कर सदन के समक्ष रखा।

जगहदेने की बजाए नगरपरिषद खुद विकसित करे सब्जी मंडी : महादेवभार्गव अमरसिंह राठौड़ ने जंक्शन में सब्जी मंडी के लिए कृषि उपज मंडी समिति को करीब एक मुरब्बा भूमि देने के प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जगह कृषि उपज मंडी को देने की बजाए नगरपरिषद खुद सब्जी मंडी विकसित कराए। इससे नगरपरिषद को तीन करोड़ रुपए के बजाए 20 करोड़ से अधिक आय होगी वहीं मंडी समिति को मिलने वाले राजस्व का 50 प्रतिशत मिलता रहेगा। इसका सभी सदस्यों ने समर्थन किया।

यह रहा बैठक में खास

>सिर्फआधे घंटे में 136 करोड़ 39 लाख 89 हजार का बजट हुआ पारित

>विपक्षी पार्षदों की बजट पर चर्चा की मांग रही अनसुनी

>एक-दो कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा पार्षद को मामला बंद कमरे में आयुक्त के सामने उठाने की दी सलाह

हनुमानगढ़. नगरपरिषद की बैठक में स्ट्रीट लाइट को लेकर हंगामा करते भाजपा पार्षद सेवाराम नागर।