अगले माह से ...
अगले माह से ...
उल्लेखनीयहै कि केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मार्च से देश के सभी नेशनल हाइवे पर टोल कलेक्शन शुरू करने के निर्देश दे रखे हैं। एनएचएआई के डीजीएम हरीश शर्मा के अनुसार राजस्थान के सभी टोल प्लाजा अगले माह तक ईटीसी से जोड़ दिए जाएंगे।
नीतीशका सीएम ...
हालांकिशनिवार तक मांझी के साथ सिर्फ सात विधायक थे। यदि भाजपा के 91 विधायक उनको मिल जाते हैं तो भी वह बहुमत के 122 के आंकड़े से दूर रहेंगे। उधर, नीतीश ने कहा, ‘हम सरकार बनाने का दावा करेंगे। जरूरत पड़ी तो राज्यपाल के सामने 130 विधायकों की परेड भी करा देंगे।’ राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी सोमवार को पटना लौट रहे हैं। इसके बाद जदयू अध्यक्ष शरद यादव उनसे मिलकर नीतीश के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। उनका दावा है कि नीतीश को कांग्रेस और वामदलों का भी समर्थन है।
इधरभाजपा बोली: हम पर ठीकरा फोड़ रही है जदयू: जदयूके आरोपों पर भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, ‘बिहार में संकट का कारण खुद नीतीश और सत्ता पाने की उनकी हताशा है। जदयू से अपने संकट से निकल नहीं पा रही है, इसलिए हम पर ठीकरा फोड़ रही है।’
एक्सपर्ट्सअब कॉन्ट्रैक्ट ...
शॉर्टसर्विस रूल्स बनाने वाला पहला राज्य होगा: शॉर्टसर्विस रूल्स प्रदेश में लागू हो जाते हैं तो राजस्थान इसे लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा। फिलहाल सेना में ही शॉर्ट सर्विस कमीशन लागू है। शॉर्ट सर्विस के लिए पदनाम भी नए बनाए जाएंगे। इनका वेतन क्लास वन श्रेणी के ऑफिसर्स के समकक्ष ही होगा।
क्योंपड़ी जरूरत: राज्यसरकार को बड़ी योजनाएं संचालित करने के लिए विषय विशेषज्ञों की जरूरत होती है। अब तक सरकार में ऐसी योजनाओं के लिए कांट्रेक्ट पर विशेषज्ञों को लिया जाता है। सरकार का मानना है कि कांट्रेक्ट पर उसे अच्छे विशेषज्ञ नहीं मिल पाते। ऐसे में बड़ी योजनाओं में विशेषज्ञों को आकर्षित करने के लिए सरकार शॉर्ट सर्विस रूल्स लागू करना चाहती है। राज्य सरकार ने मौजूदा बजट में कई कंपनियों के विनिवेश की घोषणा की हुई है। सरकार के पास प्रशासनिक विशेषज्ञता तो है लेकिन विनिवेश के लिए उसे प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। ऐसे में शॉर्ट सर्विस रूल्स के जरिए वे इस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को नौकरी पर रखेगी।
इनकाकहना है : शॉर्टसर्विस रूल्स का प्रस्ताव विधि विभाग को भेजा गया है। पहले भी यह प्रस्ताव विधि को भेजा गया था लेकिन कुछ आपत्तियों के बाद अब इसमें संशोधन किया गया है।
-आलोकगुप्ता, सचिव, कार्मिक विभाग
श्रीगंगानगर में नक्षत्र ...
जिलापरिषद : जिला प्रमुख : पार्टी
अजमेर : टीकम चंद चौधरी : भाजपा
अलवर : रमन गुलाटी : भाजपा
बांसवाड़ा : संगीता : कांग्रेस
बारां : राजकुमार : भाजपा
बाड़मेर : सोहनलाल : कांग्रेस
भरतपुर : सुनीता देवी : भाजपा
भीलवाड़ा : रामचंद्र सेन : भाजपा
बीकानेर : इंदु देवी : कांग्रेस
बूंदी : सत्येंद्र : कांग्रेस
चित्तौडगढ : पिंकी अहीर : भाजपा
चूरू : सुरेंद्र सिंह : भाजपा
दौसा : सीताराम : कांग्रेस
धौलपुर : गिरीश कुमारी : भाजपा
डूंगरपुर : मनीलाल : भाजपा
गंगानगर : नक्षत्र सिंह : भाजपा
हनुमानगढ़ : रोशनलाल : भाजपा
जयपुर : मोहनलाल शर्मा : भाजपा
जैसलमेर : उम्मेद सिंह : कांग्रेस
जालौर : गिरधर कंवर : भाजपा
झालावाड़ : भाग चंद : भाजपा
झुंझुनूं : बनवारीलाल सैनी : भाजपा
जोधपुर : गोपाराम : भाजपा
करौली : मिथिलेश कुमारी : कांग्रेस
कोटा : मनोरंजन मनोज : कांग्रेस
नागौर : रमेश चंद : भाजपा
पाली : नवल किशोर : भाजपा
प्रतापगढ़ : आशीष : भाजपा
राजसमंद : सफलता : भाजपा
सवाई माधोपुर : श्योपाल : कांग्रेस
सीकर : शोभा सिंह : भाजपा
सिरोही : कानाराम : भाजपा
टोंक : अवधेश शर्मा : भाजपा
उदयपुर : सुंदरलाल भानावत : भाजपा।