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जागरूकता के लिए 26 से मनाया जाएगा स्वच्छता सप्ताह

7 वर्ष पहले
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जिलास्वच्छता समिति की बैठक गुरुवार को जिला परिषद कार्यालय में जिला प्रमुख शोभासिंह डूडी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में स्वच्छता अभियान को गति देने जिले को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस मौके पर सीईओ रामनिवास जाट ने बताया कि जिले में खुले में शौच जाने वालों का प्रतिशत काफी कम है। सर्वे के मुताबिक जिले के 95 प्रतिशत घराें में शौचालय बने हुए हैं लेकिन सुरक्षित एवं जल बंध शौचालय मात्र 30 प्रतिशत ही है। लोगों को सुरक्षित शौचालय के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। इसका प्रयोग पंचायत समिति संगरिया में किया गया है। पिछले पांच माह में संगरिया में शौचालय निर्माण पर एक करोड़ रुपए का व्यय हुआ है और काम लगातार जारी है। इस पंचायत समिति को पूर्ण ओडीएफ घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है, इसलिए सभी जिला ब्लाॅक संदर्भ व्यक्तियों, प्रेरकों जनप्रतिनिधियों को लगन से कार्य करने की जरूरत है। इसके अलावा जिले के अन्य पंचायत समितियों की विभिन्न ग्राम पंचायतों को निर्मल बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में उप जिलाप्रमुख शबनम गोदारा, एडीईओ (प्रारंभिक) कृष्ण लाल, लेखाधिकारी महादेव बलारा, एनबीए जिला समन्वयक सुनीता राठौड़, सहायक परियोजना अधिकारी राजकुमार छाबड़ा, मटोरियावाली ढाणी की सरपंच ऊषा गोदारा, माणुका सरपंच रेशम सिंह आदि मौजूद थे।

स्वच्छतासप्ताह में ये होंगे कार्यक्रम

सीईओरामनिवास जाट ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए 26 सितंबर से दो अक्टूबर तक स्वच्छता सप्ताह मनाने का निर्णय लिया गया है। स्वच्छता सप्ताह में हर रोज अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों के आयोजन के लिए ओम पुरोहित कागद को कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा जिले के धार्मिक स्थानों पर मेले में जागरूकता संबंधी बैनर, नारा लेखन करवाने पर सहमति बनी। जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी सिद्धार्थ मेहरा ने प्रेरकों के माध्यम से जागरूकता फैलाने हर साक्षरता प्रेरक को 20-20 परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करवाने तथा एबीईओ (प्रारंभिक) को स्कूलों के माध्यम से सभी छात्रों को प्रार्थना के बाद स्वच्छता की शिक्षा देना विद्यालयों में एसयूपीडब्ल्यू (समाज उपयोगी उत्पादन कार्य) की कक्षाओं में छात्रों को स्वच्छ