(हनुमानगढ़. जंक्शन के रीको क्षेत्र में प्रदूषित केमिकल युक्त पानी की समस्या के समाधान के लिए नगरपरिषद अधिकारियों को निर्देश देते जिला कलेक्टर।)
हनुमानगढ़। औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल युक्त गंदा पानी देखकर गुरुवार को कलेक्टर को गुस्सा गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर ही कलेक्टर ने रीको, नगरपरिषद पर्यावरण विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर शीघ्र ही हालात नहीं में सुधार नहीं हुई तो उन्हें सस्पेंड कर देंगे। खास बात है कि केमिकल युक्त गंदे पानी के कारण जिला मुख्यालय का वातावरण दूषित हो रहा है।
हालात यह है कि औद्योगिक क्षेत्र, हाउसिंग बोर्ड सिविल लाइन के लोगों का बुरा हाल है। इन कॉलोनियों में मच्छरों की भरमार है। इसी को देखते हुए कलेक्टर पीसी किशन एडीएम बीएल मेहरड़ा ने गुरुवार को जंक्शन स्थित औद्योगिक क्षेत्र के आसपास रुके केमिकल युक्त गंदे पानी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि अगर शीघ्र ही ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बनवाया गया तो स्थिति और खतरनाक हो सकती है।
कलेक्टर ने ट्रीटमेंट प्लांट बनवाने के लिए भी निर्देश दिए। उनके साथ डीएफओ आसु सिंह, नगरपरिषद आयुक्त श्रवण बिश्नोई, एईएन सुभाष बंसल, जोधपुर डिस्कॉम के एक्सईएन लाभसिंह मान, पर्यावरण विभाग के कर्मचारी एसएल जाट व्यापारी शिवरतन खडग़ावत आदि मौजूद थे।
फैक्ट्रियों से निकला केमिकल युक्त गंदा पानी देख आया गुस्सा, रीको, नगरपरिषद पर्यावरण विभाग के कर्मचारियों को चेताया
लीजडीड के 58 लाख मिलें तो ट्रीटमेंट प्लांट की योजन पर काम हो: औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों से निकलने वाले कैमिकल युक्त पानी को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना है। इसके लिए रीको ने छह साल पहले नगरपरिषद से 32 लाख रुपए जमा करके जमीन भी आबंटित करवाई थी लेकिन लीजडीड का पैसा नहीं जमा किया था। अब नगरपरिषद के अधिकारी लीजडीड की राशि करीब 58 लाख रुपए जमा करवाने के लिए कह रहे हैं। इसके अभाव में उक्त योजना अधर में है। हालांकि रीको के अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन अभी तक वहां से कोई निर्देश नहीं मिले।