अकेले हनुमानगढ़ जिले में ही करीब 1050 पेस्टीसाइड 300 फर्टीलाइजर के लाइसेंसधारक हैं और इनमें से 10 प्रतिशत भी निर्धारित योग्यता नहीं रखते है। ऐसे में नियम लागू होने पर काफी दुकानों के बंद होने का संकट खड़ा हो जाएगा और किसानों के लिए भी विकल्प सीमित हो जाएंगे। हालांकि अधिकांश व्यापारी शिक्षा से जुड़े हुए हैं। वैसे भी व्यापारियों के लिए दो साल के भीतर बीएससी करना संभव नहीं है। उधर, छह माह का काेर्स करवाने के लिए प्रदेश में कोई व्यवस्था नहीं है।
जिले भर में रहा विरोध, कई जगह बंद तो कहीं रोष जताया
खाद कीटनाशक विक्रेताओं ने हड़ताल रखी। डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर इनपुटस डीलर एसोसिएशन के जिला संयोजक विजय रौंता ने बताया कि जिले के सभी डीलर देशव्यापी हड़ताल में शामिल हुए। एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया। विजय रौंता ने बताया कि अधिकांश कृषि आदान विक्रेता उम्रदराज हैं और कई सालों से व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। ऐसे में नियमित पाठ्यक्रम करने की स्थिति में नहीं हैं।
कई दुकानदारों के लिए बीएससी सहकर्मी रख पाना भी संभव नहीं है। इसलिए निर्णय पर पुर्नविचार किया जाना चाहिए। जिलाध्यक्ष बालकृष्ण गोल्याण ने बताया केंद्र सरकार द्वारा कीटनाशक एवं खाद बेचने के लाइसैंस के लिए शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य करने के विरोध में मंगलवार को राजस्थान खाद, बीज, कीटनाशक व्यापारियों का एक दिवसीय सांकेतिक बंद पूरी तरह से सफल रहा है। जिला मुख्यालय के अलावा सभी कस्बों में भी दुकानदारों ने हड़ताल को समर्थन दिया है। ज्ञापन देने वालों में टाउन जंक्शन के खाद, बीज कीटनाशक विक्रेता शामिल हुए।
बीएसएसीपास कर्मचारी को भी नहीं रख सकेंगे नौकरी पर
खास बात ये है कि बीएसएसी पास कर्मचारी को भी नौकरी पर नहीं रख सकेंगे। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पेस्टीसाइड के लाइसेंस के लिए व्यापारी बीएससी पास कर्मचारी को नौकरी पर रख सकता है लेकिन फर्टीलाइजर के लिए यह छूट भी नहीं दी गई है।
केंद्र सरकार का यह निर्णय विरोध का कारण
केंद्र सरकार ने हाल ही में निर्णय लेकर खाद कीटनाशक विक्रेताओं के लिए शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता लागू की है। अब नए लाइसेंस लेने के लिए आवेदक का केमिस्ट्री विषय के साथ बीएससी होना अनिवार्य है। इसके अलावा हैदराबाद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मैनेजमेंट का छह माह का कोर्स भी मान्य है। पुराने व्यापारियों को दो साल के भीतर शैक्षणिक योग्यता हासिल करने की शर्त रखी गई है। विभागीय जानकारी के मुताबिक फर्टीलाइजर के लिए गजट नोटिफिकेशन अक्टूबर 2015 पेस्टीसाइड के लिए जनवरी 2016 से लागू हुई है। इसके दो साल बाद का समय ही व्यापारियों को दिया गया है।