मोटासर में पशुओं की मौत का आंकड़ा 70 पार, मुंहपका-खुरपका रोग की आशंका
इधर गांव कालवासिया में पशु अस्पताल बंद, एक वर्ष से डॉक्टर का पद खाली
भास्कर संवाददाता|श्रीकरणपुर
तहसीलके गांव मोटासरखूनी में पशुओं में अज्ञात बीमारी से मरने वाले पशुओं का आंकड़ा 70 पार पहुंच गया है। हलांकि इस बीच पशु चिकत्सकों की टीम मंगलवार को भी पशुओं के उपचार के प्रयास में जुटी रही। मृत पशुओं के विसरा रक्त आदि के नमूने जांच के लिए जयपुर भिजवाए हैं। वेटनरी विभाग बीकानेर के ज्वाईंट डायरेक्टर कुंभाराम भी डाक्टरों की टीम के साथ मोटासरखूनी के लिए पहुंच रहे हैं। यह टीम बुधवार को पशुपालकों से मिलेगी। सोमवार मंगलवार को 4 भैंसों सहित 11 छोटे बड़े पशुओं की मौत और गई। एसडीएम के निर्देश पर गांव में मृत पशुओं से हुए नुकसान के लिए राजस्व विभाग सर्वे करवा रहा है।
पशुओंको दफनाने को लेकर ग्रामीणों में तकरार
बड़ीसंख्या में पशुओं के मरने से कुछ पशुओं को जोहड़ पायतन की भूमि पर डालने दफनाने को लेकर ग्रामीणों में आपस में ही तकरार हो गई। प्रशासन के हस्तक्षेप से मृत पशुओं को गांव में स्थित हड्डा रोड़ी में डालने पर सहमति बनी। श्रीकरणपुर के कोटवाल ने पशुओं की बजाय हड्डियां ले जाने पर कुछ पशु पदमपुर के ठेकेदार से उठवाए तथा कुछ काे वहीं दफनाया गया।
श्रीकरणपुर. मोटासरखूनी में एसडीएम नेकराम नागर के सामने पीड़ा व्यक्त करते ग्रामीण।
सादुलशहर. गांव कालवासिया का बंद पड़ा राजकीय पशु अस्पताल।
^पोस्टमार्टम में पशुओं के मरने का कारण मुंहपका खुरपका होने की आशंका है। पोस्टमार्टम में इस तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। -डॉ. हुकमाराम, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, श्रीगंगानगर।