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प्राइवेट संचालकों का आरोप-राशि विभागीय खातों में जमा, स्कूलों को भुगतान नहीं किया

4 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता| हनुमानगढ़

स्वयंसेवी शिक्षण संस्था संघ की ओर से शुक्रवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे स्टूडेंट्स की फीस के पुनर्भरण की मांग की। जिलाध्यक्ष सुरेश शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीति के तहत प्राइवेट स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर नियमानुसार आरटीई के तहत प्रवेश दिए गए हैं। इनकी फीस का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। पिछले सत्र की पुनर्भरण की राशि शिक्षा निदेशालय की आेर से माध्यमिक प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को जारी कर दी गई है। चार जून को राशि विभागीय खातों में जमा हुई है लेकिन अभी तक स्कूलों को भुगतान नहीं किया गया है। जिला कोषाधिकारी द्वारा आरटीई की मान्यता संबंधी समस्त प्रक्रियाएं राज्य सरकार का नीतिगत निर्णय होता है। इसी संदर्भ में निदेशालय की आेर से डीईओ को भुगतान संबंधी निर्देश दिए गए हैं और विभागीय पोर्टल पर सभी संस्थाओं का पूरे रिकार्ड दर्ज हैं। इसके बावजूद डीईओ कार्यालय जिला कोषाधिकारी भुगतान नहीं कर रहे है। तहसील अध्यक्ष विजय सिंह चौहान ने बताया कि हनुमानगढ़ जिले की चार तहसीलों में प्राथमिक स्तर के विद्यालयों का भुगतान हो चुका है। इसके बाद जानबूझकर भुगतान पर रोक लगाई गई है। राजस्थान के अन्य जिलों में भी भुगतान हो चुका है लेकिन हनुमानगढ़ में ही समस्या बनी हुई है। प्राइवेट स्कूल संचालकों ने समस्या का जल्द समाधान कर भुगतान करवाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा, सुरेंद्र पचार, बलवीर राहड़, रामेश बजाज, राजेंद्र राठौड़, अमरजीत, दीपक कश्यप, रमेश स्वामी आदि माैजूद थे।

हनुमानगढ़. विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन देते स्वयं सेवी शिक्षण संस्थान के सदस्य।

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