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श्रीगंगानगर : दो बाबुओं सहित रोडवेज चीफ मैनेजर के खिलाफ रिश्वत का मुकदमा
श्रीगंगानगर. 10दिन पहले 22 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए रोडवेज के स्थानीय डिपो के दो बाबुओं ओमप्रकाश अनिल कुमार के अलावा चीफ मैनेजर सुखराम कड़वासरा के खिलाफ भी एसीबी ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसीबी मुख्यालय ने चीफ मैनेजर कड़वासरा दोनों बाबुओं के श्रीगंगानगर में पदस्थ रहने पर मुकदमे की जांच गवाहों के प्रभावित होने की आशंका जाहिर करते हुए तीनों को निलंबित करने की सिफारिश भी रोडवेज के एमडी को भेजी है। मुकदमे में एसीबी ने रिश्वत प्रकरण में चीफ मैनेजर कड़वासरा की लिप्तता भी मानी है।
एसीबी ने डीआईजी (प्रथम) हवा सिंह घुमरिया के अनुसार चीफ मैनेजर दो बाबुओं को निलंबित करने की अनुशंसा का पत्र 17 सितंबर को रोडवेज मुख्यालय को भेज दिया गया है। शेष| पेज 13
रोडवेजने क्या कार्रवाई की, इसकी रिपोर्ट एसीबी को नहीं मिली है। मुकदमे की जांच एसीबी की श्रीगंगानगर चौकी के एएसपी पृथ्वीसिंह शेखावत को सौंपी गई है।
टर्मिनेट की धमकी दी, फिर ओमप्रकाश साथ बाहर भेज दिया
12 सितंबर को ट्रेप की कार्रवाई के बाद एसीबी ने प्रकरण का प्रारंभिक अनुसंधान किया। इसके आधार पर दर्ज की 6 पेज की एफआईआर के अनुसार 11 सितंबर को कंडक्टर काशीराम से बाबू ओमप्रकाश ने 22 हजार रुपए की मांग करते हुए कहा था कि वह उसके (काशीराम) के खिलाफ चल रही रिमार्क की पत्रावलियों में फैसला करवा देगा। इसके बाद काशीराम 12 सितंबर को 22 हजार रुपए लेकर रोडवेज डिपो गया तो ओमप्रकाश ने उसे चीफ मैनेजर कड़वासरा के पास जाने के लिए कहा। तब कड़वासरा ने काशीराम की पत्रावलियां मंगवाकर धमकाया कि तुझे टर्मिनेट कर दूं क्या?, फिर ओमप्रकाश को बुलाया। इसके बाद ओमप्रकाश काशीराम को अपने कमरे से बाहर भेज दिया। बाहर आते ही ओमप्रकाश ने कहा कि साहब ने 25 हजार रुपए का मामला बताया है। फिर ओमप्रकाश ने 22 हजार रुपए दिए। तीन हजार रुपए बाद में देने की बात कही।
ये है मामला:
हनुमानगढ़ जिले के मक्कासर निवासी काशीराम बीकानेर डिपो में कंडक्टर है। उसके खिलाफ सेवा संबंधी रिमार्क लगने की जांच चीफ मैनेजर सुखराम कड़वासरा के पास थी। काशीराम ने एसीबी में शिकायत की थी कि ओमप्रकाश ने सुखराम कड़वासरा से बात कर उसकी सर्विस का बगैर नुकसान किए नाममात्र दंड देकर मामला निपटाने की एवज में 22 हजार रुपए की मांग की है। तब 12 सितंबर को काशीराम रुपए लेक