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संबलन अभियान में पहले दिन 49 स्कूलों का हुआ निरीक्षण

7 वर्ष पहले
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सरकारीस्कूलों में शिक्षा का स्तर आंकने और अन्य सुविधाओं के निरीक्षण के लिए संबलन अभियान मंगलवार को शुरू हुआ। मंगलवार को पहले दिन जिले में कुल 49 स्कूलों का निरीक्षण किया गया। सर्वशिक्षा अभियान से मिली जानकारी के अनुसार इस बार संबलन अभियान के तहत जिले में 76 अधिकारियों को 152 स्कूलों का निरीक्षण करना है। इस बार अभियान के तहत ऐसे सीनियर सेकंडरी स्कूलों को भी शामिल किया गया है जिनमें पहली से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। हर अधिकारी को पहली से पांचवीं तक की एक कक्षा छठी से आठवीं तक की दो कक्षाओं का निरीक्षण करना है। निरीक्षण का काम बुधवार को भी जारी रहेगा।

मापदंडोंपर खरे नहीं उतर रहे अधिकांश स्कूल

मंगलवारदेर शाम तक पहले दिन के निरीक्षण के सभी प्रपत्र एसएसए कार्यालय में नहीं पहुंचे थे लेकिन अधिकारियों से हुई बातचीत के अनुसार अधिकांश स्कूल गुणवत्ता शिक्षा के मापदंड पर खरे नहीं उतर रहे हैं। जिला कलेक्टर पीसी किशन ने मंगलवार को रोडावाली स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। यहां स्कूल में लगे सभी चारों कंप्यूटर खराब थे। शौचालयों की हालत दयनीय थी और इनमें पानी तक की व्यवस्था नहीं थी। नामांकन भी कम था और इनमें में सभी काफी बच्चे अनुपस्थित थे। स्कूल में नामांकित कुल 161 बच्चों में से 109 ही उपस्थित पाए गए। राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद की सहायक निदेशक सरोज ने भी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बनवाला का निरीक्षण किया। उनके साथ मौजूद एसएसए के एपीसी लोकेश सहारण ने बताया कि स्कूल में कुल नामांकित 52 बच्चों में से 39 ही उपस्थित थे, जबकि स्कूल में छह अध्यापक हैं। इसके बावजूद बच्चों का शैक्षिक स्तर आशा के अनुरूप नहीं था। टायलेट्स की हालत बेहद खराब थी। गुणवत्ता शिक्षा के मापदंड के अनुरूप पढ़ाई नहीं हो रही थी। इस सबके बीच कुछ अधिकारियों ने निरीक्षण किए गए स्कूल की व्यवस्थाएं और शैक्षिक स्तर को संतोषजनक भी बताया।

पल्लू|संबलनअभियान के तहत मंगलवार को एसएसए के एपीसी हरलाल सहारण ने कस्बे के राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। सहारण ने बताया कि स्कूल में बच्चों का शैक्षिक स्तर आशा के अनुरूप नहीं है। बच्चे विशेष तौर पर पढ़ाई में काफी पीछे हैं।