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भाजपा के कृष्ण चोटिया को जिला प्रमुख की कमान

6 वर्ष पहले
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हनुमानगढ़. जिला परिषद में स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद जिला प्रमुख के चुनाव के दौरान भाजपा को मुश्किल स्थिति से गुजरना पड़ा और पार्टी की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। खास बात यह रही कि इस पूरे प्रकरण के दौरान पार्टी के जिलाध्यक्ष ने ही बगावत का बिगुल बजाया।

जिलाध्यक्ष प्रदीप बेनीवाल की प|ी रोशनी देवी ने भाजपा निर्दलीय के तौर पर जिला प्रमुख के लिए दो नामांकन दाखिल किए। उधर, जलसंसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप के खास समर्थक माने जाने वाले कृष्ण चोटिया ने भी भाजपा प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा। कांग्रेस की ओर से सुशीला ने नामांकन दाखिल किया। ऐसे में प्रमुख पद के लिए मंत्री और जिलाध्यक्ष आमने-सामने खड़े नजर आए और चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

इसी बीच कृष्ण चोटिया को भाजपा का अधिकृत उम्मीदवार बना दिया गया। इससे रोशनी देवी का पार्टी प्रत्याशी के तौर पर भरा गया नामांकन स्वत: खारिज हो गया। आखिरकार नामांकन वापिसी से सिर्फ पांच मिनट पहले भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बेनीवाल, भाजपा के प्रदेश मंत्री कैलाश मेघवाल के साथ जिला परिषद पहुंचे और रोशनी देवी का निर्दलीय के तौर पर भरा नामांकन वापिस लिया।
इसके बाद कृष्ण चोटिया और कांग्रेस की सुशीला के बीच हुई सीधी टक्कर में भाजपा प्रत्याशी को चार मतों से जीत मिली। भाजपा प्रत्याशी कृष्ण चोटिया ने 16 कांग्रेस की सुशीला को 12 मत मिले।

अंत तक होती रही क्रॉस वोटिंग की चर्चा

भाजपाजिलाध्यक्ष की पत्नी के नामांकन वापिसी के बाद भी क्रॉस वोटिंग की चर्चा जारी रही। कांग्रेस भाजपा के बीच महज चार सदस्यों का ही अंतर था। ऐसे में दो वोट इधर-उधर होने पर सारे समीकरण बदल सकते थे। इस कारण क्रॉस वोटिंग की चर्चा जोरों पर रही। दोनों ही दलों ने अपने सदस्यों की बाड़ाबंदी कर रखी थी और वोट डालने के लिए इन्हें इकट्‌ठे ही लाया गया।
पहले करीब तीन बजे भाजपा के सदस्य जिला परिषद पहुंचे और इसके कुछ देर बाद ही कांग्रेस के सदस्य आए। भाजपा के प्रभारी सत्यप्रकाश आचार्य अन्य पदाधिकारी साथ थे। उधर, कांग्रेस की ओर से जिलाध्यक्ष सुरेंद्र दादरी अन्य पदाधिकारी सदस्यों के साथ आए। जिला परिषद के गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने जिला परिषद के लिए चुने गए सदस्यों को ही भीतर जाने दिया।
बाकी पदाधिकारी समर्थक गेट पर ही रहे। माकपा के एक मात्र निर्वाचित सदस्य मंगेज चौधरी ने वोट नहीं डाला बल्कि जिला परिषद के गेट के सामने पहुंचकर पत्रकारों से बातचीत की। माकपा के सचिव रघुवीर वर्मा ने बताया कि जिला परिषद के अलावा पूरे जिले में चुने गए पार्टी के पंचायत समिति सदस्य भी चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं क्योंकि पार्टी भाजपा कांग्रेस में से किसी का समर्थन नहीं करती है।

जिलाध्यक्षकी पत्नी ने ली बैलेट पेपर की तस्वीर

जिलाध्यक्ष की पत्नी रोशनी देवी ने नामांकन वापिसी के बाद प्रमुख के लिए मतदान करते समय बैलेट पेपर की तस्वीर भी ली ताकि क्रॉस वोटिंग होने पर उनपर आरोप लगे। मतदान के लिए वे अन्य सदस्यों के साथ नहीं आई और अलग गाड़ी में आई। मतदान के बाद भी वे अलग गाड़ी में ही वापिस गई।
इससे पहले गेट पर खड़े भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बेनीवाल ने उनका मोबाइल हवा में लहराकर दिखाया कि रोशनी देवी ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को ही वोट दिया है। हालांकि बाद में इसकी जरूरत भी नहीं पड़ी क्योंकि भाजपा के सभी 16 मत अधिकृत प्रत्याशी के हक में ही पड़े।