जयपुर. डेढ़ साल पहले मानसरोवर में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड द्वारा 24 मंजिला हाई राइज बिल्डिंग प्रोजेक्ट की मंजूरी तो दे दी। लेकिन हाउसिंग बोर्ड के टाउन प्लानर उस प्रोजेक्ट का खाका भी नहीं खींच पाए। प्रोजेक्ट जिस जगह लाया जा रहा था, वहां 20 फीट गहराई तक जमीन चूहों द्वारा खोखली की जाने से घबराए अधिकारियों ने जर्मनी से एक्सपर्ट बुलाकर प्रोजेक्ट का खाका खींचने का तय किया था। लेकिन आज तक उस प्रोजेक्ट को मूर्त रूप नहीं दिया जा सका है। जर्मन एक्सपर्ट ने बोर्ड की शर्तों पर आने से ही इंकार कर दिया।
तीन-तीन बिड आमंत्रित करने का फैसला
अब हाउसिंग बोर्ड ने हाई राइज बिल्डिंग के प्रोजेक्ट्स के लिए तीन-तीन आर्किटेक्ट आउट सोर्स करने की स्वीकृति ली है। सोमवार को यूडीएच के एसीएस अशोक जैन के साथ हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर और यूडीएच अफसरों की लंबी बैठक हुई। इसमें हाउसिंग बोर्ड के टाउन प्लानरों की उपयोगिता का सवाल उठा, लेकिन प्रोजेक्ट्स को गति देने के लिए आउटसोर्सिंग अनिवार्य बताते हुए अब एक की जगह हर प्रोजेक्ट के लिए तीन-तीन आर्किटेक्ट से बिड आमंत्रित किए जाने पर सहमति बनी।
अभी एक आर्किटेक्ट की सेवा लेते हैं
हाउसिंग बोर्ड अभी प्रोजेक्ट का नक्शा तैयार करने तथा अन्य विशेषज्ञ सेवाओं के लिए एक आर्किटेक्ट से बिड लेते हैं। एक आर्किटेक्ट के हवाले प्रोजेक्ट करने का खामियाजा यह हुआ कि कई प्रोजेक्ट में आर्किटेक्ट बीच में ही छोड़ गए। इसे बड़ी समस्या बताते हुए हाउसिंग बोर्ड ने अब सरकार से यह मंजूरी ली है कि प्रोजेक्ट के लिए न्यूनतम 6 आर्किटेक्ट से बिड आमंत्रित की जाए। उनमें से बेहतर पाए गए तीन को फाइनल कर दिया जाए। यदि एक आर्किटेक्ट बीच में चला जाए तो शेष दो में से किसी को काम दिया जा सके।