चंदवाजी/जयपुर. दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे पर चंदवाजी के पास शनिवार रात हुए हादसे में मारे जाने वाले लोगों की संख्या तीन से बढ़कर 10 तक पहुंच गई है। रात सवा नौ बजे वाहन की टक्कर से केमिकल से भरे टैंकर के फटने से हुए इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 18 लोग जख्मी हुए थे। गंभीर घायलों में से 7 लोगों ने इलाज के दौरान देर रात दम तोड़ दिया। उधर, हाईवे से गुजर रहे 11 वाहन भी हादसे में जलकर खाक हो गए, जिन्हें घटनास्थल से हटाने में पुलिस और प्रशासन को करीब 10 घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाने के बाद जयपुर-दिल्ली हाईवे पर सुबह करीब 7 बजे यातयात बहाल हो सका।
उल्लेखनीय है कि चंदवाजी के पास केमिकल से भरा टैंकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसके बाद जबरदस्त धमाका हुआ और आग लग गई। आग की लपटों ने वहां से गुजर रहे वाहनों और आसपास के घरों व ढाबों को भी चपेट में ले लिया। हाईवे पर 11 वाहन जलकर खाक हो गए व आसपास के मकान और दुकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। लोग अपने घरों से निकलकर भागने लगे थे। हादसे घायल हुए सभी लोगों को समीप के निम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां 4 मृतकों की शिनाख्त हो चुकी है और 6 मृतकों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
यह था पूरा घटनाक्रम:
एक्सप्रेस हाईवे पर सुंदरकाबास गांव के पास सवा नौ बजे गैस के टैंकर को किसी वाहन ने टक्कर मार दी। वाहन की टक्कर से टैंकर पलट गया और आग लग गई। टैंकर धमाके के साथ फट गया। इसके बाद आग ने वहां से गुजर रहे 11 वाहनों को चपेट में ले लिया। वाहनों के अंदर बैठे लोगों को निकलने का मौका नहीं मिला। जब तक कोई सहायता पहुंचती, तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। एक्सप्रेस हाईवे को बंद कर दिया गया, जिससे दोनों ओर वाहनों को लंबी कतार लग गई। टैंकर में लगातार धमाके के कारण आपदाकर्मी, दमकल और पुलिसकर्मी एक घंटे तक आग के नजदीक नहीं जा पाए। आग पर दो घंटे बाद काबू पाया जा सका। झुलसे हुए लोगों को निजी अस्पताल पहुंचाया गया।
टैंकर में हुए धमाके तीन किमी तक सुनाई दिए। लोगों में दहशत फैल गई। लोग घरों को छोड़ कर भाग गए। आसपास के मकान पुलिस ने खाली करा दिए। आग इतनी भीषण थी कि वाहन पिघल गए। अन्य वाहनों की आग तो दो घंटे में बुझा दी गई, लेकिन टैंकर देर रात तक धधकता रहा।