जयपुर. प्रदेश में स्वाइन फ्लू ने युवा और गर्भवती महिलाओं को अधिक शिकार बनाया है। स्वाइन फ्लू से मरने वालों में ऐसे मरीज भी काफी थे जो पहले से किसी अन्य बीमारी से ग्रसित थे। एक जनवरी से पांच फरवरी के बीच हुई मौतों में 40 वर्ष से कम उम्र के 38 युवा थे। मृतकों में आठ गर्भवती महिलाएं थी। एक मध्यप्रदेश निवासी की मौत भी राजस्थान में हुई है।
अजमेर संभाग में सर्वाधिक मौतें
प्रदेश में सबसे ज्यादा मौतें अजमेर संभाग में हुई हैं। अजमेर में कुल 28 मौतें हुई हैं। दूसरे नंबर पर जयपुर हैं। यहां 20 मौत हुई। इनके अलावा जोधपुर और उदयपुर संभाग में 9-9 मौत और कोटा और बीकानेर संभाग में 3-3 मौत हुई हैं।
किस उम्र में कितनी मौत \\
0 से पांच वर्ष की उम्र 1
छह से 15 वर्ष की उम्र1
16 से 25 वर्ष की उम्र 5
26 से 50 वर्ष की उम्र44
51 से 64 वर्ष की उम्र18
65 वर्ष से कम उम्र 4
महिला और पुरुषों में मौत का आंकड़ा लगभग समान, प्रदेशभर में हुई मौतों में 37 मेल और 36 फिमेल हैं
काश, सही समय पहुंच जाते अस्पताल
स्वाइन फ्लू से होने वाली मौतों का कारण लोगों का सही समय पर अस्पताल नहीं पहुंचना सामने आया है। मृतकों में से 13 मरीज तो 16 घंटे से भी कम भर्ती रहे। 17 ने अस्पताल में भर्ती होने के 1 दिन में दम तोड़ दिया। 13 मरीज 3 दिन भर्ती रहे। 8 से 18 दिन तक भर्ती रहकर 4 लोग मौत के मुंह में गए। पांच दिन भर्ती रहे 8 जने, 6-7 दिन भर्ती रहे 4 जने और 3 दिन भर्ती रहे 2 मरीजों की मौत हुई।