जयपुर. शहर में जेडीए से नक्शा पास कराने से ही ग्रीन बिल्डिंग निर्माताओं को निर्माण के अतिरिक्त 5% एफएआर (फ्लोर एरिया रेशो) नहीं मिलेगा, बल्कि उनको केंद्र की दो एजेंसियों से रेटिंग करानी पड़ेगी। अगर एजेंसियां किसी भवन को 4 या 5 स्टार की ग्रीन बिल्डिंग और गोल्ड या प्लेटिनम श्रेणी में रखेंगी, तभी निर्माता को अतिरिक्त एफएआर की अनुमति मिलेगी। इस सिलसिले में नगरीय विकास विभाग ने मंगलवार को ग्रीन बिल्डिंग के संशोधित प्रावधान तय कर दिए। आदेश में सामान्य भवन के लिए 1.33 एफएआर का प्रावधान है।
5000 वर्गमीटर अथवा उससे बड़े क्षेत्रफल के भूखंडों पर ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण कराने पर ही एफएआर के अतिरिक्त 5% (0.05) एफएआर निशुल्क दिया जाएगा। इसके लिए ग्रिहा या लीड एजेंसी द्वारा भवन निर्माण पूरा होने पर गोल्ड या प्लेटिनम तथा ग्रिहा द्वारा 4 या 5 स्टार रेटिंग देने पर ही अतिरिक्त एफएआर मिलेगा।ग्रीन बिल्डिंग के रेटिंग सिस्टम में ऊर्जा संरक्षण मुख्य रूप से आवश्यक है। इस संबंध में राज्य सरकार की संस्था राजस्थान रिन्युएबल एनर्जी कॉर्पोरेशन से भी प्रमाणीकरण कराना आवश्यक होगा।
बैटरमेंट लेवी: भवन मालिक को हर 3 वर्ष के बाद ग्रीन बिल्डिंग के मानदंडों की पूर्ति के संबंध में लीडरशिप इन एनर्जी एंड एनवायर्नमेंट डिजाइन (लीड) एजेंसी का प्रमाण-पत्र तथा ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी की अनुशंसा प्राप्त कर जेडीए को देनी होगी। ऐसा नहीं होने पर जेडीए पहले 30 दिन का नोटिस देगा और उसके बाद आवेदक को नि:शुल्क दिए गए 5% अतिरिक्त एफएआर की एवज में बैटरमेंट लेवी की 200% की दर से राशि वसूलेगा।
पुराने भवन भी बन सकेंगे ग्रीन : अब तक बन चुके 5000 वर्गमीटर या बड़े क्षेत्रफल के भवनों को भी ग्रीन बिल्डिंग का दर्जा दिया जा सकेगा। इनको ग्रीन बिल्डिंग में बदलने पर अतिरिक्त एफएआर 5% नि:शुल्क होगा। इसके लिए भी प्रावधानों का पालन जरूरी होगा।