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2 साल की लड़ाई के बाद बनी पहली ट्रांसजेंडर कांन्सटेबल, कहा-इसलिए ज्वाइन की पुलिस

3 वर्ष पहले
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जयपुर. 2 साल की कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार गंगा प्रदेश की पहली महिला ट्रांसजेंडर कांस्टेबल बन गई हैं। गंगा ने जालौर पुलिस लाइन में ज्वाइन कर लिया है। उसे बेल्ट नंबर 1060 मिला है। फिलहाल वे महिला सिपाहियों के साथ बैरक में हैं। गंगा का कहना है- उसने पहली मंजिल पा ली है। अब वे एसआई की तैयारी में जुट गई है और एक दिन जरूर एसपी बनकर दम लेंगी।

 

- जालौर के जाखड़ी गांव की गंगा 2013 में निकली कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में चयनित हो गई। सरकार ने 208 में से 207 पदों पर नियुक्ति दे दी, लेकिन गंगा को मेडिकल जांच में सिर्फ ट्रांसजेंडर होने के चलते रोक दिया गया। ऐसे में उनकी नियुक्ति अटक गई।

- लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हाईकोर्ट ने सरकार को नवंबर 2017 में छह सप्ताह में नियुक्ति देने का आदेश दिया।

- समय सीमा गुजरने के बाद एक बार फिर सरकार को नोटिस इश्यू हुए। आखिरकार गंगा पुलिस विभाग में पहले ट्रांसजेंडर कांस्टेबल के रूप में नियुक्ति पाने में सफल रहीं।

- गंगा ने बताया-उसने नौकरी ज्वाइन कर ली है।

 

गंगा के बोल- मैं लड़का या लड़की नहीं, पुलिसमैन हूं

 

पहली ट्रांसजेंडर कांस्टेबल बन चुकी हैं। महिलाओं के लिए खासकर क्या प्राथमिकता रहेगी?  
 

मैं अभी महिला दोस्तों के साथ ही बैरक में हूं। ट्रेनिंग का दौर चलेगा। मुझे लोग कुछ अजीब नजर से भले ही देखे, लेकिन मेरी कोशिश रहेगी दूर- दराज, गांव की पिछड़ी महिलाओं को जैसे भी हो, आगे बढ़ने के लिए जमाने से लड़ने को प्रेरित कर सकूं। बेटियों को पुलिस महकमा ज्वाइन करने के लिए जरूर मोटिवेट करूंगी। 

 

पुलिस में आप अपनी जमात से अकेले हैं ? कैसे एडजस्ट करेंगे? 
 

मैं हूं तो इंसान ही ना। पुलिसकर्मी की तरह ही नजर आऊंगी। मेरे काम का स्टाइल हटकर जरूर होगा। मैं दिल से नर्म हूं, लेकिन अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ उतनी ही सख्त नजर आऊंगी। मुझे एडजस्टमेंट में कोई दिक्कत नहीं। सभी अपने साथी ही तो हैं, एक ही मिशन के लिए काम कर रहे हैं सभी। 

 

किसी दूसरी नौकरी के लिए भी तो कोशिश कर सकती थी? 
 

जब से मैंने खाकी वर्दी की ताकत को देखा तभी से मेरे मन में भी एक दिन इसी विभाग में जाने की इच्छा धीरे-धीरे प्रबल होने लगी। यह ऐसा महकमा है जिसमें अपराधी किस्म के लोग खौफ खाते हैं। मैं भी ऐसे ही लोगों से लड़ना चाहती थी। मैंने पुलिस में जाने के सिवाय कभी कुछ सोचा तक नहीं।

 

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