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जलदाय में वर्कऑर्डर जारी करने से पहले ही काम खत्म

5 वर्ष पहले
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मुहानाफल-सब्जी मंडी परिसर में बीसलपुर की पाइपलाइन डालने के लिए जलदाय विभाग के इंजीनियरों ने नियम-कायदे ताक पर रख दिए। एक्सईएन ने 11 12 फरवरी को वर्कऑर्डर जारी किया, जबकि मौके पर काम 11 फरवरी को काम लगभग पूरा हो चुका था। ताज्जुब तो यह है कि यह काम एक माह में पूरा होना था। काम पहले हुआ वर्कऑर्डर बाद में दिया। यही नहीं, मंडी क्षेत्र सिटी सर्किल में होने के बावजूद काम की जिम्मेदारी जिला सर्किल (ग्रामीण) के एक्सईएन महेंद्र प्रसाद वर्मा एईएन वीके गुप्ता को दी है। पाइपलाइन का काम रेट कॉन्ट्रेक्ट के वर्कऑर्डर में करवाया जा रहा है और एचडीपीई पाइप की क्वालिटी टेस्टिंग भी नहीं करवाई गई। अगले हफ्ते मंडी परिसर में विशाल किसान सम्मेलन भी होगा, जिसके लिए सरकार ने पानी का इंतजाम करने का सख्त निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि, जलदाय विभाग ने पहले व्यापारियों किसानों की मांग पर बीसलपुर योजना से पाइपलाइन डालने से मना कर दिया था, लेकिन अब इमरजेंसी वर्क बताते हुए तेजी से फाइल चला दी एक्सईएन महेंद्र प्रसाद वर्मा ने 11 फरवरी को 6.85 लाख रु. और 12 फरवरी को 10.53 लाख रु. का वर्कऑर्डर जारी कर ठेकेदार दिनेश कंस्ट्रक्शन कंपनी (फागी) को काम दिया। जबकि डिविजन में दो फर्मों के पास रेट कॉन्ट्रेक्ट था। जेईएन लक्ष्मण दास जाटव का कहना है कि हम 9 फरवरी से पाइपलाइन डाल रहे हैं, 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन रिपोर्ट पाइप के साथ आई थी। हमने 12 फरवरी को मौके से सैंपल काट कर एक्सईएन कार्यालय भिजवा दिया। सब काम आला अफसरों के निर्देश पर कर रहे हैं। एडिशनल चीफ इंजीनियर अशोक गर्ग ने बताया कि सिटी सर्किल के क्षेत्र में दूसरे एक्सईएन की ओर से काम करवाने की मुझे जानकारी नहीं है। वर्कऑर्डर जारी होने के बाद ही पाइपलाइन की टेस्टिंग करवाने उसके बाद ही काम होना चाहिए। इसको देखने की जिम्मेदारी अधीक्षण अभियंता एक्सईएन की है। वहीं दिनेश कंस्ट्रक्शन कंपनी के दिनेश चौधरी ने बताया कि इंजीनियरों के कहने पर ही काम करवा रहे हैं। सोमवार तक पाइपलाइन की टेस्टिंग रिपोर्ट भी जाएगी।

किसान संघ की मांग पर सरकार ने फरवरी के पहले हफ्ते में जलदाय विभाग मंडी समिति को किसान सम्मेलन के लिए पानी की तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। इस काम की जल्दबाजी में जलदाय विभाग मंडी समिति से बीसलपुर योजना की शेयर कॉस्ट लेना भी भूल गया। हाइप्रोफाइल मामला होने के कारण मंडी समिति से केवल 15.47 लाख रु. पाइपलाइन डालने की राशि ली गई। जबकि पुलिस अकादमी, पुलिस मुख्यालय, जयपुर डेयरी सहित अन्य विभागों को बीसलपुर योजना से कनेक्शन देने के बदले करोड़ों रुपए बीसलपुर की शेयर कॉस्ट के रूप में वसूल चुका है।

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