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सिटी रिपोर्टर } महाराणाप्रताप सभागार में रविवार को श्री म्यूजिक

5 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर } महाराणाप्रताप सभागार में रविवार को श्री म्यूजिक फेस्टिवल के दौरान मनीषा गुलयानी की प्रस्तुति के बाद कोलकाता की प्रति पटेल ने मणिपुरी नृत्य, पं.विश्वमोहन भट्ट ने मोहनवीणा वादन और बेगम परवीन सुल्ताना ने अपने गायन के रंगों से संपूर्ण सभागार को सुर, लय और भावों के रंग में रंग दिया।

अंतिम दिन के समारोह की शुरुआत जयपुर की मनीषा गुलयानी के कथक नृत्य से हुई। मनीषा का नृत्य लय, ताल और भावों के बेहतरीन संयोजन से सजा हुआ था जिसमें कलाकार ने राधा के प्रेम और मीरा की कृष्ण के प्रति दीवानगी का भावपूर्ण प्रदर्शन किया। नृत्य में उनका तैयारी पक्ष भी देखने योग्य था।

शुरुआत मनीषा के कथक से

गुलाबो का सम्मान

कालबेलिया नृत्यांगना गुलाबो को पद्मश्री अवॉर्ड मिलने पर राजस्थान फोरम की ओर से सम्मानित किया गया। उन्हें श्रीसीमेंट लि. के प्रबंध निदेशक और राजस्थान फोरम के को-चेयरमैन हरिमोहन बांगड़, संस्कृतिकर्मी संदीप भूतोडिय़ा, विश्वमोहन भट्ट और फोरम की सदस्य अपरा कुच्छल ने शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। हरिमोहन बांगड़ ने कहा कि फोरम का उद्देश्य राजस्थान की कला और यहां के कलाकारों को उचित मंच देना रहा है।

नारी शक्ति को समर्पित विश्व रंजनी

पं.विश्वमोहनभट्ट ने इस मौके पर खुद के द्वारा खोजा राग विश्व रंजनी स्त्री शक्ति को समर्पित किया। इसके प्रस्तुतिकरण में सुरों के संयोजन में समर्पण के भाव खास थे। उन्होंने राग हंसध्वनि की रचना भी पेश की। उनके साथ तबले पर पं.रामकुमार मिश्रा, रेशमा पांडे, मृदंगम पर लक्ष्मी पिल्लई और मोरसिंग लोकवाद्य पर भाग्यलक्ष्मी कृष्ण ने संगत की।

फिर राग मारू बिहाग

इसकेबाद स्वर कोकिला बेगम परवीन सुल्ताना मंच पर आईं और राग मारू बिहाग से फिजा में सुरों की मिठास घोली। उन्होंने राग मारू बिहाग के एक एक सुर को शिल्पी की भांति गढ़ते हुए उनके स्वरूप में निखार पैदा किया। उनके साथ तबले पर मिथलेश झा, हारमोनियम पर परोमिता मुखर्जी, तानपूरे पर जयपुर की अर्पिता चटर्जी और भूमिका अग्रवाल ने संगत की।

वसंत रास और दशावतार

प्रीतिपटेल का मणिपुरी नृत्य लय और ताल के साथ-साथ भावों का भी बेहतरीन दस्तावेज था। उन्होंने मणिपुर के मंदिरों में वसंत रास के रूप में गाया जाने वाला कृष्ण का रति विलास और विष्णु के दशावतारों की प्रस्तुति दी। वसंत रास में उन्होंने गोपियों के कृष्ण संग प्रेम और आत्मा से परमात्मा के प्रेम की बेहतरीन अभिव्यक्ति दी। इसके बाद दशावतार की प्रस्तुति में भगवान विष्णु के मीन, कच्छप, शुक्र, वामन, नरसिंह, परशुराम, राम, बलराम, बुद्धि और कल्कि अवतारों को अपनी मुद्राओं से जीवंत किया।

श्री म्यूजिक फेस्टिवल में परवीन सुल्ताना, पं.विश्वमोहन भट्‌ट और प्रीति पटेल ने दी प्रस्तुति

फिर हुआ सुर, लय और भावों का संगम

शास्त्रीय गायन प्रस्तुत करती परवीन सुल्ताना।

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