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- 7वीं जयपुर मैराथन लगभग 50,000 लोग पुरुष : 55 प्रतिशत महिलाएं : 35 प्रतिशत बच्चे : 10 प्रतिशत
7वीं जयपुर मैराथन लगभग 50,000 लोग पुरुष : 55 प्रतिशत महिलाएं : 35 प्रतिशत बच्चे : 10 प्रतिशत
सिटी रिपोर्टर } कहतेहैं प्यार के लिए अच्छे दिल की जरूरत होती है। अच्छे दिल के लिए फिटनेस की और अच्छी फिटनेस के लिए रोज दौड़ने की। इस बात को वैलेंटाइन डे पर जयुपराइट्स ने एक साथ दौड़ कर सच साबित कर दिखाया।
चारसाल से जीत रहे हैं मैराथन : अलवरसे आए रेलवे के एथलीट रत्तीराम सैनी पिछले चार साल से मैराथन में जीत का खिताब अपने नाम कर रहे हैं। इस साल भी 21 किमी की दौड़ में ओवर ऑल फोर्थ और इंडियन में फर्स्ट प्राइज जीता है। अपनी जीत का अनुभव शेयर करते हुए रत्तीराम ने बताया कि खुद को फिट और फुर्तीला बनाए रखने के लिए रोजाना खेतों में 50 किमी की दौड़ लगाता हूं। यहां इतने लोगों के साथ दौड़ने का उत्साह ही अलग है।
हरियाणा से आए 65 वर्षीय धनिया राम यादव ने 21 किमी की दौड़ में युवाओं को पीछे छोड़ कर अपनी फिटनेस का प्रदर्शन किया। जयपुर में पहली बार दौड़ने आए धनिया ने बताया कि वे रूटीन लाइफ में रोजाना 4 से 5 किमी. दौड़ते हैं। दौड़ में राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल भी अपनी फिटनेस की परीक्षा देते नजर आए। कांस्टेबल कविता चौधरी ने बताया कि हम 14 लोग पहली बार 21 किमी की दौड़ में शामिल हुए। फिटनेस के लिए वैसे रोजाना 10 से 12 किमी दौड़ती हूं, लेकिन आज इतने लोगों के बीच दौड़ने का अनुभव बहुत खास रहा। जयपुर मैराथन सीईओ मुकेश मिश्रा ने बताया कि मैराथन में विनर्स को कुल 10 लाख के कैश प्राइज दिए गए। हाफ मैराथन में अंतरराष्ट्रीय पुरुष एलीट कैटेगरी में पहला स्थान इथोपिया के वुर्कू दिरेस को 1 लाख रुपए के इनाम से सम्मानित किया गया।
जयपुर मैराथन में युवाओं ने दिखाया उत्साह