बस! अफसरों पर हल्ला
8
8
8
8
4
नबी सामने आए
पंडित ने ललकारा
बजट 1367 करोड़ का आय बराबर विकास पर व्यय दिखाया
जोन उपायुक्त ने फर्जी पट्टे का नाम ट्रांसफर कर दिया, इन्हें हटाओ
वार्ड47 की पार्षद रमा शर्मा ने सांगानेर जोन उपायुक्त तेजाराम चौधरी पर फर्जी पट्टे को दो लोगों के नाम ट्रांसफर करने का आरोप लगाया। लोगों ने चौधरी के खिलाफ एफआईआर भी करवाई है। उधर, चौधरी ने मीडिया से कहा कि पार्षद अपना काम कराने का दबाव बनाते हैं। इस पर कांग्रेस पार्षद मोहनलाल मीणा कमल वाल्मीकि ने चौधरी के बर्ताव को लेकर हंगामा किया और उसे निगम से हटाने की मांग की।
पहलेसफाई कंपनी का पक्ष लिया, अब विरोध में उतरे
पार्षदअनिल शर्मा ने कहा कि इन अफसरों के बूते स्मार्ट सिटी नहीं बनाई जा सकती है। जो सफाई नहीं करवा सकते, जो गलियां साफ नहीं करवा सकते हैं वे स्मार्ट सिटी कैसे बनाएंगे। उन्होंने बीट्स कार्य कर रही डीम कंस्ट्रक्शन कंपनी को गलत ठेका देने का आरोप लगाया। गौरतलब है कि अनिल शर्मा के सफाई चेयरमैन रहते हुए कंपनी प्रबंधन से लेन-देन का ऑडियो वायरल हुआ था और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।
जोनउपायुक्त पर फिर अवैध निर्माण का आरोप, 3 दिन का अल्टीमेटम
सांस्कृतिक समितिचेयरमैन कुसुम यादव ने हवामहल जोन पूर्व के उपायुक्त मुकेश कायथवाल पर अवैध निर्माण करवाने के आरोप लगाया और कहा कि शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। कांग्रेसी पार्षद उमरदराज अशोक गर्ग ने भी सील प्रकरण में निगम अफसरों को आड़े हाथों लिया। मेयर ने जोन उपायुक्त मुकेश कायथवाल को तीन दिन में कार्रवाई करने का अल्टीमेटम में दिया है।
रिलीवनहीं हो रहे पशुधन सहायक को रिलीव करने का आदेश
हिंगोनियागौशाला में गड़बड़ी का मामला एक बार फिर उछला। यहां पशुधन सहायक रमेश कुमार शर्मा को उनके मूल विभाग में भेजने के लिए मेयर ने सदन के बीच आदेश दिए। गौशाला समिति चेयरमैन भगवतसिंह देवल ने गौशाला में अफसरों पर बीट्स में भ्रष्टाचार करने और गौ तस्करी करवाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पशुधन सहायक को निगम ने भी रिलीव कर दिया फिर भी वे नहीं जा रहे हैं।
पार्षद मोहनलाल मीणा ने रोडलाइट शाखा के चेयरमैन चंद्र भाटिया और एईएन दिनेश बंशीवाल के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि आरवीपीएनएल से निगम में एईएन पद पर डेपुटेशन पर आए दिनेश बंशीवाल पहले 4-5 साल पहले जेईएन बनकर निगम आए थे तब उनके खिलाफ कई शिकायतें हुईं और उन्हें मूल विभाग भेज दिया गया। लेकिन उनका निगम से मोह नहीं छूटा और अब वे एईएन फिर से डेपुटेशन पर गए
5 मिनट के काम में 5 माह लगते हैं, मेरी कॉलोनियां जेडीए को वापस दो : लाहोटी
पार्षदअशोक लाहोटी ने जेडीए निगम की कार्यशैली में अंतर बताया और कहा कि जेडीए सुविधा क्षेत्र की जमीन पर डिस्पेंसरी बनी थी। उसमें निगम ने अपना जोन ऑफिस खोल लिया था। बाद में जोन ऑफिस मानसरोवर में शिफ्ट हो गया तो मैंने इस बिल्डिंग में हॉस्पिटल बनाने की सिफारिश की। जेडीए ने 15 मिनट में अपनी एनओसी स्वास्थ्य विभाग को भेजी दी और स्वास्थ्य विभाग ने हॉस्पिटल के आदेश भी दे दिए। जबकि निगम परिसर की चाबी स्वास्थ्य विभाग को सौंपने में आनाकानी कर रहा है। पांच माह बाद भी चाबी नहीं सौंपी गई अब निगम अफसर इस मसले को ईसी में ले जाने की बात कह रहे हैं। लाहोटी ने वार्ड की 3 कॉलोनियों को जेडीए देने की मांग की, ताकि विकास हो सके।