सरकार की मंजूरी के बिना कृषि भूमि पर निर्माण नहीं
हाईकाेर्ट का आदेश
जयपुर| हाईकोर्टने एक निर्णय में कहा है कि भू-राजस्व कानून की धारा 90 के तहत कृषि भूमि पर निर्माण तब तक नहीं हाे सकता जब तक सरकार कानूनी प्रावधानों के अनुसार इसकी मंजूरी नहीं दे दे। न्यायाधीश बीएल शर्मा ने यह निर्णय प्रार्थी रघुराज सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने प्रार्थी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को सिविल नेचर का मानते हुए रद्द कर दिया।
याचिका में कहा कि उसने खातेदारी की जमीन का सोसायटी से करार किया था। इसके अनुसार जैसे-जैसे जमीन के रुपए मिलेंगे वैसे -वैसे वह सोसायटी को जमीन का कब्जा देगा। इस दौरान सोसायटी ने जमीन को बिना कब्जा मिले ही किसी अन्य को बेच दिया। ऐसे में यदि सोसायटी ने बिना कब्जा लिए ही जमीन को बेचा है तो उसके लिए वह जवाबदेह है। यह मामला सिविल नेचर का है, इसलिए एफआईआर को रद्द किया जाए। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता नरेन्द्र धाकड़ ने कहा कि शहर में कृषि भूमि पर निर्माण कार्य की मंजूरी लिए निर्माण हो रहा है। जबकि बिना भू-उपयोग परिवर्तन के जमीन पर निर्माण कार्य करना अवैध है और इससे राजस्व की हानि होती है। मामले के अनुसंधान में भी इसे सिविल नेचर का माना है। अदालत ने दलीलों से सहमत होकर एफआईआर को रद्द कर दिया।