न्यूज ब्रीफ
बसंत पंचमी पर रक्तदान शिविर
जयपुर | अखिलभारतीय खंडेलवाल वैश्य युवा जागृति संघ द्वारा बसंत पंचमी के मौके पर आगरा रोड स्थित बद्रिकाश्रम, जनता कॉलोनी स्थित खंडेलवाल सेवा सदन, हीदा की मोरी स्थित खंडेलवाल स्कूल, प्रदीप रावत मैमोरियल अस्पताल, खंडेलवाल कॉलेज, विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल भवन, रामशिव हनुमान मंदिर, राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। स्टूडेंट हेल्प सोसायटी की ओर से जयसिंहपुरा स्थित नूतन स्कूल में रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। रविवार को दाना शिवम अस्पताल परिसर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का शुभारंभ वरिष्ठ भाजपा नेता सतीश पूनियां करेंगे।
सामूहिकविवाह समारोह आयोजित
जयपुर | बिलोचीसमाज विकास समिति द्वारा सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। अध्यक्ष गजेंद्र अरोड़ा ने बताया कि इस अवसर पर 14 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। उधर, कुमावत क्षत्रीय सामूहिक विवाह समिति के सम्मेलन में 25 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। समितियों द्वारा नवविवाहित जोड़ों को घरेलू उपयोग के सामान भी दिए गए। रविवार को धानका जनजाति विकास एवं जनजागरण समिति का सामूहिक विवाह सम्मेलन धानका समाज भवन, सिरसी रोड, भांकरोटा में आयोजित होगा। वहीं माली समाज (सैनी) समाज के पांच जोड़ों का विवाह होगा। बारात संकटमोचन हनुमान मंदिर, अंबाबाड़ी से सुबह 10 बजे निकलेगी।
भागवतकथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ
जयपुर | ग्रामखोगंग में आशावरी माता के मंदिर में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में आज के प्रसंग में कृष्ण जन्म एवं नंद उत्सव मनाया गया। कथावाचक पं. राधा कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान कृष्ण ने मैया से कहा कि हम गाय चराने जाएंगे, मैया ने कहा कि नहीं-नहीं गाय सींग, पूंछ लात मार देगी, तब सांडल ऋषि के कहने पर कृष्ण को गाय चराने भेज दिया। ब्रह्मा जी ने बृज में जहां भी देखा हर जगह उन्हें कृष्ण गाए चराते हुए दिखाई दिए। तब ब्रह्मा ने कृष्ण से कहा कि मुझे क्षमा करें मैंने आपके कृष्ण होने में शंका की। आप कोई वरदान मांगो, तब कृष्ण ने कहा कि मुझे केवल बृज के घास का तिनका बना दीजिए क्योंकि यहां से गऊ माताएं जाएंगी तो उनके पैरों का स्पर्श होगा। इस अवसर पर नंदोत्सव में उछाल, की गई।
सरस्वतीपूजा में मिथिला संस्कृति
जयपुर | राजस्थानमैथिल परिषद जयपुर द्वारा छत्रसाल नगर में आयोजित सरस्वती पूजा एवं बसंतोत्सव समारोह में मिथिला परंपरा से सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया। उधर, वैशाली नगर, मां संगीत संस्थान द्वारा बसंत उत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया।