160 अफसर सरकार की सख्ती से बेपरवाह
किस विभाग में कितने अफसर-कर्मचारियों ने नहीं दी सूचना
कृषिविपणन 6, कृषि 548, पशुपालन 1788, पुरातत्व 9, आयुर्वेद 2469, आयुर्वेद कालेज 28, सिविल डिफेंस 28, कालेज शिक्षा 1697, व्यवसायिक कर 528, देवस्थान 8, अर्थ एवं सांख्यिकी 214, प्रारंभिक शिक्षा 1910, रोजगार 18, ऊर्जा 11, फैक्ट्री 22, आबकारी 72, मछली पालन 14, वित्त 404, खाद्य एवं आपूर्ति 60, वन 170, गोपन 7 , भू जल 16, होमियोपैथ 143, उद्योग 76, सूचना 66, सूचना एवं तकनीकी 309, बाल विकास 29, श्रम 34, विधि 6, खनन 164, मेडिकल 1211, पीडब्ल्यूडी 1400, पंचायतीराज 31, प्रिंटिंग 5, अभियोजन 268, पब्लिक हेल्थ 1310, अभिलेखागार 13, सहकारिता 213, संस्कृत शिक्षा 108, सामाजिक न्याय 21, स्टेट फारेंसिक 53, राज्य बीमा 60, तकनीकी शिक्षा 607, तकनीकी शिक्षा आईटीआई 61, पर्यटन 13, नगर नियोजन 90, महिला सशक्तिकरण 40 और जल संसाधन 924
अफसर जिन्होंने नहीं की अचल संपत्ति सार्वजनिक
आईएएस: अजीतकुमार सिंह, अजिताभ शर्मा, अमरीश कुमार, अनिल कुमार चपलोत, अरविंद कुमार पोसवाल, अशफाक हुसैन, आशीष गुप्ता, अशोक सिंघवी, अविचल चतुर्वेदी, बाबू लाल कोठारी, बीके मीणा, भंवर लाल, भारती दीक्षित, भास्कर आत्माराम, डीएन सरन, गौरव अग्रवाल, जी प्रदीप, हंसादेव सिंह, हनुमंत सिंह भाटी, हुलिन लाल गुइटे, हिमांशु गुप्ता, केसी वर्मा, लोक बंधु, लोकनाथ सोनी, मधुसूदन शर्मा, मनोज शर्मा, मोडूदान देथा, मोहम्मद हनीफ, एनएस मदन, नम्रता, नीलाभ सक्सेना, निक्या गोहिन, ओम प्रकाश मीणा, पी रमेश, रश्मि, प्रवीन गुप्ता, पीसी किशन, प्रियव्रत पंडेया, संजय दीक्षित, सत्यप्रकाश बसवाला, सुभ्रा सिंह, सोमनाथ मिश्रा, एसएस यादव, सुधीर कुमार शर्मा,श्रीहा गुहा, सूरज भान जैमन, एसके सोलंकी, एसके ओला, विक्रम जिंदल, वीएस चौहान, श्रवण कुमार, वीएम शर्मा, यादवेंद्र माथुर
आईपीएस:पुन्नाच्वामी,अजय पाल लांबा, अमनदीप सिंह कपूर, आनंद कुमार श्रीवास्तव, अनिल कुमार जैन, अंशुमान भोमिया, भूपेंद्र साहू, भुवन भूषण यादव, बिनीता ठाकुर, चुना राम जाट, दीपक भार्गव, दीपक कुमार, देवाशीष देव, धर्मेंद्र सिंह, दिनेश एमएन, डोन के जोश, इंदु कुमार भूषण, केबी वंदना, कालू राम रावत, कल्याण मल मीणा, किशन सहाय मीणा, केके शर्मा, मदन गोपाल मेघवाल, महमूद आलम तारिक, ममता गुप्ता , मनीष अग्रवाल -2, मनीष अग्रवाल, मोनिका, नवज्योती गोगोई, नितिन दीप, ओम प्रकाश, पी रामजी, पूजा यादव, प्रदीप मोहन शर्मा, प्रीति जैन, प्रेम प्रकाश टांक, राहुल केतकी, राजीव पचार, आरपी गोयल, रणधीर सिंह, डा.रवि, रवि दत्त गौड़, रुपिंद्र सिंह, संजय स्रोत्रीय, एस खान, सत्यनारायण जैन, सत्यवीर सिंह, सत्यप्रिया सिंह, सतेंद्र कुमार, शरत कविराज, शिवराज मीणा, स्मिता श्रीवास्तव, एस बिश्वास, तेजस्वनी गौतम, तेजराज सिंह खरोड़िया, टी गुइटे, यूएल छावल
(नोट : कार्मिक विभाग की वेबसाइट के अनुसार उक्त नाम शामिल है )
प्रेम प्रताप सिंह| जयपुर
अचलसंपत्तिका ब्यौरा सार्वजनिक करने की आखिरी तिथि 31 जनवरी को खत्म हो गई, लेकिन राजस्थान कैडर के 160 आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसरों ने अपनी प्रापर्टी की सूचना सरकार को नहीं दी। इनमें 53 आईएएस, 50 आईएफएस, 57 आईपीएस शामिल हैं। इतना ही नहीं राज्य सेवा के 18 हजार से अधिक अफसर-कर्मचारियों ने भी संपत्ति से संबंधित किसी प्रकार की सूचना कार्मिक विभाग को नहीं दी। इनमें राजस्थान प्रशासनिक सेवा के 528, राजस्थान पुलिस सेवा के 406, राजस्थान सचिवालय सेवा के 122 अफसर शामिल हैं।
केंद्र और राज्य सरकार के आदेश के बाद प्रदेश के 200 आईएएस, 70 आईएफएस और 132 आईपीएस अफसरों ने अचल संपत्ति का रिकार्ड जमा करा दिया है। लेकिन संपत्ति का खुलासा नहीं करने वालों ने आखिरी तिथि खत्म होने के 12 दिन बाद भी कार्मिक विभाग से कोई संपर्क नहीं किया। अखिल भारतीय सेवा के अफसरों को कभी भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की जरूरत पड़ सकती है, अब उन्हें प्रतिनियुक्ति या विदेश जाने के लिए कार्मिक विभाग की ओर से विजिलेंस स्वीकृति नहीं मिलेगी।
^जिनअफसरों और कर्मचारियों की ओर से अचल संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया गया है। उन्हें भविष्य में विजिलेंस क्लीयरेंस नहीं दी जाएगी। उनके पदोन्नति और इंक्रीमेंट पर भी विचार नहीं किया जाएगा। सरकार इस मामले को सख्ती से ले रही है। -आलोकगुप्ता, सचिव कर्मिक विभाग