सरकार ने बेरोजगारों से विश्वासघात किया है
जयपुर। प्रदेशकांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने रीट परीक्षा के आयोजन को बेरोजगारों को भ्रमित करने की भाजपा सरकार की कवायद बताया है। उन्होंने कहा कि 2012 में लगे 40 हजार शिक्षकों नियमित नहीं किया जा सका। न्यायालय में लम्बित इस प्रकरण में सरकार ने मजबूती के साथ पक्ष नहीं रखा। यह भाजपा सरकार की बेरोजगारों के प्रति घोर असंवेदनशीलता को दर्शाता है। बेरोजगारों के साथ यह विश्वासघात है।
पायलट ने कहा कि चुनाव पूर्व भाजपा ने टेट समाप्त करने का असंवैधानिक वादा किया था, जो युवाओं से वोट अर्जित करने की प्रक्रिया का एक हिस्सा था। सरकार ने बेरोजगारों की आंखों में धूल झोंकने के लिए आरटेट परीक्षा का नाम बदलकर रीट का आयोजन किया। जबकि, पहले से टेट परीक्षा में उत्तीर्ण लोग तृतीय श्रेणी शिक्षक बनने के लिए प्रतीक्षारत हैं। सरकार ने सीधे रीट से अध्यापकों की भर्ती का प्रावधान कर विसंगति पैदा की है क्योंकि आरटेट पास अभ्यर्थी भी रीट अभ्यर्थियों के साथ शिक्षक भर्ती में शामिल होंगे, ऐसे में राज्य की मैरिट दोनों परीक्षाओं में जिसके ज्यादा अंक होंगे उसके आधार पर बनेगी।
पायलट ने शंका जाहिर की है कि सरकार द्वारा पैदा की गई इस दुविधा से विचलित हो कई अभ्यर्थी कानूनी प्रावधानों का संरक्षण ले सकते हैं, जो अध्यापक भर्ती में विलंब पैदा करेगा।