प्रीपेड कनेक्शन रिचार्ज नहीं कराया तो डिस्कॉम ने काटी जलदाय की बिजली
जयपुर | जलदायविभाग के 50 से ज्यादा ट्यूबवेल पर लगे बिजली प्रीपेड मीटर में मंगलवार सुबह बैलेंस खत्म हो गया। इससे शांतिनगर, हसनपुरा सहित कई इलाकों में पानी की सप्लाई नहीं हुई। बाद में इंजीनियरों ने मंगलवार शाम तक हैडक्वार्टर से बजट पास करवा कर ट्रेजरी में प्रीपेड मीटर को रीचार्ज करवाने के लिए राशि जमा करवाई है, लेकिन देर रात तक प्रीपेड मीटर रिचार्ज नहीं हो सके थे। ऐसे में दिनभर इलाकों में पेयजल संकट रहा। अब प्रीपेड मीटर रीचार्ज होने के बाद बुधवार दोपहर तक ही ट्यूबवेल चालू हो सकेंगे। जयपुर डिस्कॉम ने जलदाय विभाग के दफ्तरों के साथ ही 100 से ज्यादा ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शनों पर प्रीपेड कनेक्शन लगा दिए है। डिस्कॉम के सर्किल सर्किल ने जलदाय विभाग के इंजीनियरों को इन प्रीपेड मीटर को रीचार्ज करवाने के लिए नोटिस भी दे दिया था।
इसके बावजूद जलदाय विभाग के इंजीनियरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में प्रीपेड मीटर में बैलेंस खत्म होने से मंगलवार सुबह 50 से ज्यादा ट्यूबवेल बंद हो गए।
लोगों ने विभाग के अधीक्षण अभियंता अनुराग प्रसाद को शिकायत की, लेकिन उन्होंने एक्सईएन केशव श्रीवास्तव एईएन दीपक शर्मा को सूचना देने की बात कह कर औपचारिकता पूरी कर ली। पानी सप्लाई चालू नहीं होने से लोग शांतिनगर चौकी पर पहुंच कर हंगामा करने लगे। लोगों का आक्रोश बढ़ता देख एक्सईएन एईएन ने हैडक्वार्टर पहुंच कर चीफ इंजीनियर को समस्या बताई। इसके बाद प्रीपेड मीटर को रीचार्ज करने के लिए आनन फानन में बजट जारी किया गया।
इसके बावजूद भी ट्यूबवेल चालू नहीं हो सके। लोगों को प्राइवेट टैंकरों से पानी खरीदना पड़ा। लोगों ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर एडिशनल चीफ इंजीनियर अशोक गर्ग का कहना है कि एसई एक्सईएन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले ही प्रीपेड मीटर रीचार्ज करवाने चाहिए। अब बजट में प्रावधान करवाया जा रहा है।
जलदाय विभाग को 30 दिन पहले ही नोटिस दे दिया था: अधीक्षण अभियंता
वहीं जयपुर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता एसके माथुर का कहना है कि ट्यूबवेल सहित अन्य दफ्तरों के कनेक्शनों पर प्रीपेड मीटर लगाने के लिए जलदाय विभाग को 30 दिन पहले ही नोटिस दे दिया था। प्रीपेड मीटर लगने के बाद भी इन्हे रीचार्ज नहीं करवाया है। ऐसे में 50 प्रीपेड मीटर बंद हो गए है। वहीं बिल जमा नहीं करवाने पर 25 कनेक्शन भी काटे गए है।
बिजली कंपनी ने नहीं दी सूचना :
जयपुर डिस्कॉम ने पहले चरण में सिंगल फेज कनेक्शनों पर प्रीपेड मीटर लगाए थे। दूसरे चरण में ट्यूबवेल सहित अन्य थ्री फेज कनेक्शनों पर भी प्रीपेड मीटर लगा दिए। जलदाय विभाग के इंजीनियरों की दलील है कि बिजली कंपनी के इंजीनियरों ने पेयजल सप्लाई से जुड़े ट्यूबवेल पर प्रीपेड मीटर लगाने की सूचना नहीं दी। प्रीपेड मीटर रीचार्ज करवाने के लिए 30 दिन का समय देना था, लेकिन कई जगह 10 दिन बाद ही बिजली सप्लाई बंद कर दी। पेयजल सप्लाई से जुड़े कनेक्शनों पर प्रीपेड मीटर लगाना गलत है।
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बिजली विभाग के अधिकारी बोले: ट्यूबवेल सहित अन्य दफ्तरों के कनेक्शनों पर प्रीपेड मीटर लगाने के लिए जलदाय विभाग को 30 दिन पहले ही नोटिस दे दिया था
जलदाय विभाग के इंजीनियरों ने कहा: बिजली कंपनी के इंजीनियरों ने पेयजल सप्लाई से जुड़े ट्यूबवेल पर प्रीपेड मीटर लगाने की सूचना नहीं दी।
30 दिन पहले नोटिस दिया जयपुरडिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता एसके माथुर का कहना है कि ट्यूबवेल सहित अन्य दफ्तरों के कनेक्शनों पर प्रीपेड मीटर लगाने के लिए जलदाय विभाग को 30 दिन पहले ही नोटिस दे दिया था।
बिजली कंपनी ने नहीं दी सूचना जलदायविभाग के इंजीनियरों की दलील है कि बिजली कंपनी के इंजीनियरों ने पेयजल सप्लाई से जुड़े ट्यूबवेल पर प्रीपेड मीटर लगाने की सूचना ही नहीं दी। जबकि कई जगह 10 दिन बाद ही बिजली सप्लाई बंद कर दी।