भड़ाना और सैनी के बंगले के बाहर कचरा देख सीएम नाराज
एकतरफ सरकार स्वच्छता अभियान चला रही है और वहीं सिविल लाइंस में मंत्रियों के बंगलों के बाहर कचरा पड़ा रहता है। बुधवार को कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी और खाद्यमंत्री हेमसिंह भड़ाना के घर के बाहर कचरा पड़ा देखकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे काफी नाराज हुईं। उन्होंने पुराने सीएम आवास में बुलाई गई बजट संवाद की मीटिंग में ऐसी लापरवाही को काफी गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि सिविल लाइंस मेंं जहां मंत्री रहते हैं, वहीं पर सफाई नहीं होगी तो और जगह की तो बात ही दूर है। उन्होेंने कहा कि मंत्रियों की ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं करूंगी। बजट पूर्व संवाद की कड़ी में बुधवार को जयपुर शहर के जनप्रतिनिधियों के साथ यह बैठक थी। जब वे एयरपोर्ट से आठ सिविल लाइंस पहुंची तो उन्हें मंत्रियों के सरकारी आवासों के बाहर कचरा दिखा। बैठक में उन्होंंने पूछा कौन मंत्री हैं जिनके बंगलों के बाहर कचरा पड़ा रहता है। सीएमओ के अफसरों ने पता किया तो सैनी और भड़ाना के नाम सामने आए।
दोनों मंत्री बैठक में नहीं थे। उनके यहां अफसरों ने फोन करके मुख्यमंत्री की नाराजगी से अवगत कराया। बंगलों के बाहर हाथोंहाथ सफाई कराई गई।
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ, नगरीय विकास मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डाॅ. अरूण चतुर्वेदी, विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह, सांसद रामचरण बोहरा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा, राज्य अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष जसबीर सिंह, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी, देवस्थान बोर्ड अध्यक्ष एसडी शर्मा, अनुसूचित जनजाति आयोग उपाध्यक्ष जितेन्द्र मीणा, अनुसूचित जाति आयोग उपाध्यक्ष विकेश खोलिया, महापौर निर्मल नाहटा, विधायक नरपत सिंह राजवी, सुरेन्द्र पारीक, रामलाल शर्मा, मोहनलाल गुप्ता, कैलाश वर्मा, फूलचंद भिंडा, जगदीश मीणा, प्रेमचन्द बैरवा, निर्मल कुमावत, लक्ष्मीनारायण बैरवा, जिला प्रमुख मूलचंद मीणा, आवासन मंडल के अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव ओपी मीणा, प्रमुख वित्त सचिव प्रेम सिंह मेहरा, संभागीय आयुक्त राजेश्वर सिंह, पुलिस आयुक्त संजय अग्रवाल, मेट्रो सीएमडी अश्विनी भगत, जयपुर विकास आयुक्त शिखर अग्रवाल, जिला कलेक्टर कृष्ण कुणाल सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
शहर गंदा करने वालों पर हो कार्रवाई : सीएम
बजटके लिए सुझाव लेने के साथ उन्होंने कहा कि कचरा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। विधायक, पार्षद एवं अन्य जनप्रतिनिधि आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने में भागीदारी निभाएं।