केंद्र ने दोबारा मांगा तो बनाया 10 शहरों का अफोर्डेबल हाउसिंग प्लान
जयपुर | राज्यसरकार द्वारा पूर्व में मुख्यमंत्री जन आवास योजना का 9 शहरों का प्लान तैयार कर केंद्र को ग्रांट के लिए भेजा था। लेकिन केंद्र ने मंजूरी देने की बजाय प्रस्ताव ही लौटा दिया था। केंद्र ने कुछ आपत्तियां की थी। उनको ठीक कर फिर से 10 शहरों का अफोर्डेबल हाउसिंग प्लान तैयार किया गया। इसको लेकर मुख्य सचिव सी एस राजन की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक हुई। इसमें ग्रांट मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री जन आवास योजना के प्लान को फाइनल कर दुबारा भेजने का निर्णय किया गया।
नए प्रस्ताव के अनुसार चाकसू में 1104, डूगंरपुर में 272, भीलवाड़ा में 1384, झालावाड़ में 1456, कैथून कोटा में 1456, कापरेन में 622, केशोरायपाटन में 1512, लाखेरी बूंदी में 1328, शिवगंज में 448, भीलवाड़ा में 892 अफोर्डेबल हाउसेस बनाए जाएंगे। इसकी कुल लागत 651.87 करोड़ रुपए आएगी। इसमें केंद्र का ग्रांट 90.78 करोड़ रुपए होगा। मुख्यमंत्री जन आवास योजना को केंद्र की प्रधानमंत्री हाउस फॉर ऑल से जोड़ने के लिए नया प्रस्ताव तैयार किया गया है। पूर्व के प्रस्ताव में भीलवाड़ा का नाम शामिल नहीं था। अब नए प्रस्ताव से प्रदेश के 10 शहरों में 10 हजार 474 अफोर्डेबल हाउस बनाए जाएंगे।
जेडीएकी एडि. कमिश्नर पेश नहीं कर पाई रिसर्जेंट राजस्थान की प्रगति : रिसर्जेंटराजस्थान के दौरान जयपुर जेडीए रीजन में किए गए एमओयू को लेकर यूडीएच एसीएस अशोक जैन ने जेडीए की एडि. कमिश्नर रश्मि गुप्ता को बुलाकर प्रगति रिपोर्ट मांगी। उनसे सभी एमओयू की रिपोर्ट मांगी तो गुप्ता डिटेल नहीं दे सकी। जैन ने 15 दिन में रिसर्जेंट राजस्थान के एमओयू की प्रगति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।