आरयू-हैल्थ साइंस यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी अब होगी स्मार्ट
राजस्थानयूनिवर्सिटी की करीब 66 साल पुरानी सेंट्रल लाइब्रेरी इस माह के अंत तक स्मार्ट बन जाएगी, जिसके बाद किताबें चोरी करना आसान नहीं होगा। इसके लिए यूजीसी की ओर से यूनिवर्सिटी पोटेंशियल फॉर एक्सीलेंस के तहत रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिटी (आरएफआइडी) सिस्टम लागू करने का काम अंतिम दौर में है। दूसरी तरफ, राजस्थान हैल्थ साइंस यूनिवर्सिटी (आरयूएचएस) मेडिकल, डेंटल, फार्मेसी, नर्सिंग, पैरामेडिकल एवं फिजियोथैरेपी संस्थानों की फैकल्टी एवं विद्यार्थियों को जरनल, किताबें एवं टीचिंग मैटेरियल ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए ढाई करोड़ रु. का डिजिटल लाइब्रेरी प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। यह सुविधा पूरे हफ्ते 24 घंटे मिलेगी।
कंप्यूटर पर ही प्रैक्टिकल- एसएमएसमेडिकल कॉलेज के वेबसाइट प्रभारी डॉ.लोकेन्द्र शर्मा ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी से ई-लर्निंग, ई-जरनल एवं ई-बुक्स जैसी सुविधाएं मिलेंगी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई), फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई), डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआई) के नियमानुसार मेडिकल स्टूडेंट फार्माकोलॉजी फिजियोलॉजी के प्रायोगिक कार्य कंप्यूटर पर ही कर सकेंगे।
हैल्थ साइंस यूनिवर्सिटी- पैरामेडिकलविभाग के डीन डॉ.अरुण चौगले ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेेरी का काम अगले तीन-चार माह में पूरा हो जाएगा। इसके लिए ढाई करोड़ रु. की लागत से वेब पोर्टल बनाया जा रहा है। संबंधित संस्थानों से शुल्क लिया जाएगा, जिस पर निर्णय होना बाकी है। मेडिकल फील्ड को देखते हुए यह सुविधा 24 घंटे सातों दिन मिलेगी। संबंधित विभागों से राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के लेखकों की किताबें एवं टीचिंग मैटेरियल की सूची मंगाकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। यूनिवर्सिटी से संबंधित मेडिकल, डेंटल, फार्मेसी, नर्सिंग, पैरामेडिकल और फीजियोथैरेपी के 200 से अधिक संस्थानों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन किताबें मिल सकेंगी।
आरयू लाइब्रेरी मेंबरों के कार्ड भी होंगे स्मार्ट आरएफआईडीसिस्टम की लागत करीब सवा करोड़ रु. है। लाइब्रेरी के डिप्टी लाइब्रेरियन डाॅ. नरेंद्र शर्मा के अनुसार, शुरुआत में स्टाफ और टीचरों को स्मार्ट कार्ड इश्यू होंगे। उसके बाद स्टूडेंट्स का नंबर आएगा। सभी कार्ड आरएफआईडी से जुड़े होंगे, जिसके जरिए हर मेंबर का लेखा-जोखा कम्प्यूटर में दर्ज होगा। इस सिस्टम के तहत किताबों की टैंगिंग कर उसकी रेडियो आइडेंटी बनेगी। टैग लगने से सर्च करने में सुविधा होगी और यदि बुक बिना इश्यू हुए बाहर गई तो सिस्टम उसे रीड करेगा और रेडियो फ्रीक्वेंसी युक्त दरवाजे पर अलार्म बज उठेगा। साथ ही वहां लगे कियोस्क से मेंबर स्मार्ट कार्ड के जरिए स्वयं किताब इश्यू और जमा करा सकेंगे। यह सिस्टम किताबों के लाइब्रेरी में उपलब्ध होने या नहीं होने के बारे में भी बताएगा। लाइब्रेरी में एक ड्रॉप बॉक्स लगाया जाएगा, जहां स्टूडेंट्स किताब ड्रॉप कर सकेंगे।