स्टेनो भर्ती : अब हिंदी अंग्रेजी में से एक जरूरी
यूनानी-होम्योपैथी डॉक्टरों की पदोन्नति की राह खुली
आयुर्वेदविभाग की तरह 6 मई, 1990 से 31 दिसंबर, 1993 तक अस्थायी या अर्जेंट टेम्परेरी आधार पर नियुक्त होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सकों को भी स्क्रीनिंग कर नियमित किया जा सकेगा। आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा नियम-1973 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। उधर, राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम-1965 में संशोधन कर जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट के पद की योग्यता में बी.फार्मा की डिग्री जोड़ने का निर्णय लिया गया। -अन्यफैसले : राजस्थान पेज
कैिबनेट में हुआ योग्यता में बदलाव का फैसला
जयपुर| मुख्यमंत्रीकार्यालय में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें स्टेनोे के लिए योग्यता में बदलाव सहित कई फैसले लिए गए। स्टेनो भर्ती के लिए अब हिंदी और अंग्रेजी में से एक ही योग्यता जरूरी होगा। कम्प्यूटर संबंधी योग्यता में डिग्री, डिप्लोमा एवं नए प्रमाण-पत्रों को जोड़ने का प्रावधान किया गया है। शेष| पेज 6
इसकेलिए राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय लिपिक वर्गीय सेवा नियम-1999, राजस्थान सचिवालय लिपिक वर्गीय सेवा नियम-1970 तथा राजस्थान लोक सेवा आयोग (लिपिक वर्गीय एवं अधीनस्थ सेवा) नियम और विनियम-1999 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। अब किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस अथवा कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिग्रीधारक एवं किसी मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड से कंप्यूटर विषय के साथ सीनियर सैकंडरी कक्षा पास अभ्यर्थी भी इस पद के लिए पात्र होंगे। सेवा नियमों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अभ्यर्थियों को टाइपिंग परीक्षा उत्तीर्ण करने की छूट तथा अनुग्रह अंक के प्रावधान को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।