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आरसीए की ‘बैठक’, सीपी जोशी सहित 14 जिला संघ रहे मौजूद

4 वर्ष पहले
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हाईकोर्ट ने फिर दोहराया

खेल मैदानों के हालात दयनीय, नहीं हों गैर खेल गतिविधियां

जयपुर | हाईकोर्टने फिर से दोहराया है कि प्रदेश में खेल मैदानों के हालात दयनीय हैं और ये हालात सुधारने के लिए स्पोर्ट्स काउंसिल क्या कर रही है। वहीं अदालत ने खेल मैदानों में गैर खेल गतिविधियां आयोजित नहीं करने के लिए कहा है। यह निर्देश न्यायाधीश जेके रांका ने शुक्रवार को प्रदेश में क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों का विकास नहीं होने और लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को हर खेल संघ पर लागू करने के मामले में लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले में फैसला सुरक्षित रखते हुए दिए। अदालत ने कहा कि रामपाल की ओर से दायर याचिका निस्तारित हो चुकी है और इस मामले में किसी प्रार्थना पत्र को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई पीड़ित है तो वह अलग से याचिका दायर कर सकता है।

लोकपालएथिक्स ऑफिसर को नहीं हटाया : सुनवाईके दौरान आरसीए अध्यक्ष सीपी जोशी की ओर से एक प्रार्थना पत्र पेश कर कहा कि उन्होंने लोकपाल जस्टिस ज्ञानसुधा मिश्रा एथिक्स ऑफिसर जस्टिस पानाचंद जैन को उनके पदों से नहीं हटाया है।

स्पोटर्स रिपोर्टर | उदयपुर .राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को शिकारबाड़ी में अनौपचारिक बैठक की, जिसमें आरसीए का निलंबन बीसीसीआई से हटवाने को लेकर चर्चा हुई। आरसीए के अधिकारी हालांकि दिनभर बैठक नहीं होने की बात कहते रहे, मगर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पदाधिकारियों के बीच आरसीए का निलंबन हटवाने और निलंबित सचिव आरएस नांदू की कोर्ट में दायर की गई याचिका पर चर्चा हुई। बैठक में आरसीए अध्यक्ष सीपी जोशी, कार्यवाहक सचिव महेन्द्र नाहर सहित लगभग 14 जिला क्रिकेट संघों के सचिव मौजूद रहे। बैठक के बाद अध्यक्ष सीपी जोशी ने बताया कि कोर्ट और लोकपाल के आदेशों को देखते हुए कोई औपचारिक बैठक नहीं की गई। हमारा मुख्य उद्देश्य आरसीए का निलंबन बीसीसीआई से हटवाना है। आरसीए सिर्फ निलंबन हटाने के लिए काम कर रहा है, मगर लोग कोर्ट में जा रहे हैं।

नांदूसे ही लिखवाया था पत्र : जोशी

अध्यक्षसीपी जोशी ने बताया कि आरसीए का निलंबन हटाने के लिए बीसीसीआई ने ललित मोदी और नागौर क्रिकेट संघ पर कार्रवाई करने की शर्त रखी थी। उसी अनुसार आरसीए ने तब बैठक कर नागौर क्रिकेट संघ को निलम्बित किया। वहीं आरएस नांदू नागौर क्रिकेट संघ के सचिव हैं, ऐसे में उन्हें भी आरसीए सचिव पद से निलम्बित करना पड़ा। जोशी ने कहा कि आरसीए की कार्यकारिणी बनते ही नांदू के हाथों ही बीसीसीआई से आरसीए का निलंबन हटवाने का पत्र लिखवाया था। लेकिन जब बीसीसीआई के आदेश आए तो उसके अनुसार 6 सदस्यों की बैठक में 4 के मुकाबले 2 का निर्णय कर उन्हें निलम्बित करना पड़ा। अब वे खुद ही कोर्ट में चले गए।

33लोगों ने जिसे चुना उसे 6 लोग कैसे हटा सकते हैं : नांदू

आरएसनांदू ने कहा कि उन्हें क्रिकेट से जुड़े 33 सदस्यों ने चुना था, ऐसे में 6 लोग उन्हें कैसे निलंबित कर सकते हैं। नांदू ने कहा कि बीसीसीआई की शर्त के अनुसार 23 जून को बैठक में मैंने आरसीए अध्यक्ष को कहा था कि एक माह का समय दे दो, ललित मोदी को नागौर क्रिकेट से हटा देंगे, मगर उन्होंने वो समय नहीं दिया और निलंबित कर दिया। संविधान के अनुसार यह गलत है, इसलिए कोर्ट में गए।

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