काम घटा तो बजट भी आधा रह गया

5 वर्ष पहले
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...और हाउसिंग बोर्ड

जयपुर | हाउसिंगबोर्ड का संशोधित बजट आधा ही रह गया और अगले साल के बजट में भी खासी कटौती कर ली गई। बोर्ड के पास पुरानी और वर्तमान मेंं चल रही परियोजनाओं के अलावा कोई काम नहीं है, ऐसे में सोमवार को पारित बजट भी उसी अनुपात में मंजूर किया गया। वर्ष 2017-18 के लिए जो बजट अनुमानित तय किया गया है, वह भी केवल 650 करोड़ रखा गया है। 200 करोड़ रु. जमीनों के मद में देने की स्वीकृति दी है, बाकी पैसा अन्य कामों के लिए। 2016-17 के लिए बजट 1041 करोड़ रुपए तय था। अब तक केवल 260 करोड़ रुपए ही खर्च हुए हंै। ऐसे में संशोधित बजट घटाकर 522 करोड़ रुपए तय किया गया है।





जिस रफ्तार से बोर्ड में कार्य हो रहे हैं, उनसे अंदाजा लगाया जा रहा है, यह बजट भी पूरा वित्तीय वर्ष खत्म होने पर भी पूरी तरह से खर्च नहीं हो सकेगा। इन्हीं स्थितियों के मद्देनजर वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए केवल 650 करोड़ रुपए का अनुमानित बजट मंजूर किया गया है। इसमें 200 करोड़ से जमीनों का भुगतान किया जाएगा। खास बात यह है कि बजट में नई परियोजनाओं को कोई प्रावधान ही नहीं रखा गया है।

जुड़ सकती है मुख्यमंत्री जन आवास योजना

फिलहाल बोर्ड में कोई नई योजना नहीं लाई जा रही, लेकिन पिछले दिनों सरकार ने मुख्यमंत्री जन आवास योजना के लिए बोर्ड से प्रस्ताव मांगे हैं, ऐसे में बोर्ड को यह जिम्मेदारी दी जाती है तो इसके लिए अलग से नये सिरे से बजट लिया जाएगा।

यूं हुई ऐसी स्थिति

बोर्ड में नये कार्यों और नई परियोजनाओं पर करीब एक साल से पूरी तरह रोक लगी हुई है। ऐसे में बोर्ड में विभिन्न पदों पर बैठे अधिकारियों ने पिछला एक साल केवल उन्हीं कामों में बिताया है, जो पहले से चल रहे थे और जिन्हें किसी भी स्थिति में पूरा करना है। ऐसे में जो आवासीय स्कीमें नई योजनाओं पर प्रतिबंध लगने से पहले शुरू की जा चुकी हैं, केवल उन्हीं का काम जारी है। इस तरह जहां बोर्ड में हर साल करीब एक हजार करोड़ का बजट जारी होता था, इस साल बोर्ड अब तक केवल 260 करोड़ ही खर्च कर पाया है। इस स्थिति को देखते हुए यह बजट में कटौती की गई है।

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