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सरकारी सेवा में पति-पत्नी का एक मुख्यालय तो एचआरए भी एक को ही

5 वर्ष पहले
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जयपुर | राज्यसेवा में कार्यरत पति-प|ी के एक मुख्यालय पर पदस्थापित होने पर एक को ही मकान किराया भत्ता (एचआरए) मिलेगा। वित्त विभाग (नियम) ने सोमवार इसके आदेश जारी किए। ये एक जनवरी से प्रभावी होंगे। जिन कर्मचारियों ने एक जनवरी को मिले दिसंबर माह के वेतन में दोहरा एचआरए लिया है, उनके अगले वेतन से इसकी कटौती होगी। पति-प|ी में से जिसका एचआरए ज्यादा होगा, वह दिया जाएगा। इस निर्णय के बाद कर्मचारियों को 700 से 6000 रु. तक का मासिक नुकसान होगा। शेष| पेज 6



हालांकि,इससे जुड़े मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। ऐसे में एचआरए में संशोधन के आदेश इस निर्णय के अधीन होंगे। तब तक के लिए वित्त विभाग के आदेश प्रभावी रहेंगे।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट में एक पीआईएल के जरिए पति-प|ी के एक ही मुख्यालय पर पदस्थापित होने पर दोहरा मकान किराया भत्ता लेने को चुनौती दी गई थी। इस पर हाईकोर्ट ने 5 दिसंबर को यह आदेश जारी किया कि एक ही मुख्यालय पर काम करने की स्थिति में पति-प|ी दोनों से किसी एक को ही मकान किराया भत्ता दिया जाएगा। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई, जिस पर 31 जुलाई को अंतिम सुनवाई होनी है।

एचआरए के लिए अब देना होगा प्रमाण पत्र

फिलहाल सरकार के पास इसकी जानकारी नहीं है कि कितने पति-प|ी एक ही मुख्यालय पर कार्यरत हैं। ऐसे में वित्त विभाग ने एचआरए लेने वाले कर्मचारियों के लिए एक प्रमाण पत्र अनिवार्य किया है। इस प्रमाण पत्र में यह बताना होगा कि एक ही मुख्यालय पर पति या प|ी कार्यरत हैं या नहीं।

केंद्र सरकार में एक मुख्यालय होने पर भी पति-प|ी दोनों को एचआरए दिए जाने का प्रावधान हैं। केंद्र सरकार के सेवा नियमों में दोनों को अगल एंटीटी माना जाता है। इसके लिए सेवा नियमों के अतिरिक्त ऑफिस मेमोरेंडम भी जारी कर रखा है।

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