आपसी रंजिश में युवक की हत्या के चारों अभियुक्तों को उम्रकैद
जयपुर | जिलेकी एडीजे कोर्ट (2) ने अप्रैल 2014 में जमवारामगढ़ क्षेत्र में आपसी रंजिश के चलते एक युवक की हत्या करने के चार अभियुक्तों बाबूलाल, रामकिशन, रमेश चन्द्र कालू राम को उम्रकैद 15-15 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी है। एडीजे दिनेश त्यागी ने आदेश में कहा कि मुख्य गवाह यदि पक्षद्रोही हो जाए तो भी परिस्थितिजन्य साक्ष्य अाईओ की तफ्तीश में कोई संदेह नहीं है। अभियुक्तों के घर से मृतक की लाश हथियार बरामद हुए हैं एेसे में हत्या का अपराध साबित है। अपर लोक अभियोजक उमाशंकर खंडेलवाल ने बताया कि 26 अप्रैल 2014 को नाथूराम ने जमवारामगढ़ पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बेटा महेश सैनी सुबह अपने साथियों के साथ मजदूरी के लिए जयपुर रहा था। रास्ते में हीरावाला बस स्टैंड पर उसे भूपेन्द्र ने फोन कर रोका और अपने साथ उसे खुआरानी जगह पर ले गया। वहां पर अभियुक्तों ने महेश भूपेन्द्र के साथ मारपीट की जिसमें भूपेन्द्र घायल हो गया। जबकि महेश की मारपीट करने के बाद केबल के वायर से गला दबाकर हत्या कर दी।
मामले में अभियोजन की ओर से 21 गवाहों के बयान दर्ज कराए। सुनवाई के दौरान मुख्य गवाह भूपेन्द्र पक्षद्रोही हाे गया। लेकिन कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य अनुसंधान अधिकारी की तफ्तीश के आधार पर अभियुक्तों को कैद जुर्माने की सजा सुनाई।
सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को पकड़कर थाने ले आई।