हाईकोर्ट के आरटीआई नियम बदलवाने में जुटे दो छात्र
जोधपुर | आरटीआईके अपने नियम बनाने पर दिल्ली और राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन के खिलाफ ही याचिकाएं दायर की गई हैं। यह कानूनी लड़ाई दो लॉ स्टूडेंट और एक रिटायर्ड इंजीनियर लड़ रहे हैं। जयपुर के लॉ स्टूडेंट धर्मराज ने आवेदक से उसकी फोटो, व्यवसाय की जानकारी मांगने के खिलाफ याचिका लगाई है। धर्मराज की याचिका पर अब हाईकोर्ट जयपुर पीठ में मामले की सुनवाई हो रही है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं, जोधपुर के रिटायर्ड इंजीनियर बीएन भूतड़ा ने कोर्ट से पूछा है कि जब आरटीआई शुल्क दस रुपए है तो हाईकोर्ट कैसे 100 रुपए ले सकता है।
शेष| पेज 6
सूचनानहीं मिलने पर अपील करनी हो तो लगने वाला 500 रुपए का शुल्क भी मनमाना है। उनकी याचिका हाईकोर्ट की खंडपीठ में विचाराधीन है।
अंतिम फैसला आना बाकी है। मुद्दा हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति को पुनर्विचार के लिए भेजा गया है। उधर दिल्ली की लॉ स्टूडेंट आस्था शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा आवेदन शुल्क पचास रुपए तय करने के खिलाफ याचिका लगाई है। हाईकोर्ट में बीपीएल आवेदकों को भी शुल्क में कोई राहत नहीं दी गई है। उनकी याचिका का ही असर है कि हाईकोर्ट ने इन दोनों बिंदुओं पर प्रशासनिक समिति को विचार करने को कहा है।