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आमेर से दुर्गाबाड़ी तक मां का मेला

Dainik Bhaskar

Oct 20, 2015, 12:25 PM IST

News - वैष्णोदेवी के साक्षात दर्शन के लिए दूसरे दिन भी बंगाली बाबा आश्रम पहुंचे भक्त अश्विनशुक्ल पक्ष षष्ठी पर सोमवार...

आमेर से दुर्गाबाड़ी तक मां का मेला
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वैष्णोदेवी के साक्षात दर्शन के लिए दूसरे दिन भी बंगाली बाबा आश्रम पहुंचे भक्त

अश्विनशुक्ल पक्ष षष्ठी पर सोमवार को आमेर शिला माता के मेला भरा। देवी मां के विशेष पूजा अर्चना की गई। आमेर के लिए शहर के विभिन्न स्थानों से माता के दर्शनों के लिए पदयात्राएं पहुंची। लाल रंग की ध्वज लिए श्रद्धालुगण भक्तिगीतों पर नाचते गाते माता के दरबार पहुंचे। मंगलवार को सप्तमी के दिन रात को निशा पूजन होगी। दोनों ही दिन के आयोजन पूर्व राज परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में किए जाते हैं। आमेर की शिला माता के दर्शनों के लिए सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया, जो रात तक अनवरत चलता रहा। भक्तों ने माता के समक्ष पुष्प, नारियल, प्रसादी, लाल चुनरी अर्पित धार अर्पित की। कुछ भक्त कनक दंडवत करते हुए, तो कुछ पैदल माता के दर्शनों के लिए आए और मन्नत मांगी।

शिला माता मंदिर में भीड़भाड़ रहने के कारण प्रशासन को दर्शनार्थियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने पड़े।

शहर में जगह-जगह दुर्गापूजा शुरू

शहरमें जगह-जगह बंगाली समाज की ओर से भी हर साल की तरह षष्ठी पूजन से दुर्गा पूजा की शुरुआत की गई। शाम को संध्या आरती के बाद धुनुची नृत्य हुआ और ढाक की थाप से माता की अगुवानी की गई। पांच दिन तक चलने वाले दुर्गामाता उत्सव के लिए जगह जगह पांडाल सजाए गए हैं, जिनमें दुर्गा माता की आकर्षक झांकियों के दर्शन हुए। प्रवासी बंगाली कल्चरल सोसायटी की ओर से जय क्लब में अधिवास आमंत्रण हुआ। इसके साथ ही दुर्गा पूजा शुरू हुई। इस अवसर पर संध्या आरती के पश्चात सांस्कृतिक आयोजन हुए। बनीपार्क के दुर्गाबाड़ी में मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमा विराजमान की गई हैं, उत्सव के दूसरे दिन विशेष पूजा का आयोजन हुआ।

जय मां वैष्णो देवी प्रचार समिति की ओर से दिल्ली बाइपास स्थित बंगाली बाबा आश्रम परिसर में मां वैष्णो देवी का साक्षात दरबार के दर्शनों के लिए दूसरे दिन सोमवार को भी श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा। भक्तों ने भक्तिभाव से माता रानी के दर्शन किए और चढ़ावा अर्पित किया। शाम को त्रिवेणीधाम के नारायण दास महाराज, शुक संप्रदायाचार्य अलबेली माधुरी शरण के सानिध्य में पूजा अर्चना सामूहिक आरती की गई। जैसे ही माता के दरबार के पट खुले, भक्तों ने जयकारों से परिसर को गुंजा दिया। बंगाली बाबा आश्रम के समीप पहाड़ों को देखकर वैष्णोदेवी के स्थान का नजारा सा दिखाई दिया। भक्तों ने बाण गंगा, चरण पादुका, अर्ध-कुमारी, हाथी मत्था, साझी छत बर्फीली पहाड़ी के बीच वैष्णो माता भैरव मंदिर के दर्शनों का साक्षात्कार किया।

प्रवासी बंगाली कल्चरल सोसायटी की ओर से जय क्लब में दुर्गा पूजा शुरू हुई। ब्रह्मपुरी थाने के पास विजय विला में भी दुर्गा पूजा महोत्सव शुरू हुआ।

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