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दिल्ली में वसुंधरा के काफिले में भिड़ी कारें, बस के नीचे आने से बची CM की कार

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली/जयपुर. शनिवार सुबह मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जब दिल्ली पहुंची तो उन्होंने सोचा भी नहीं होगा कि नीति आयोग की बैठक से ज्यादा उनका इंतजार मीडिया को होगा। इंतजार ऐसा कि मुख्यमंत्री के एयरपोर्ट से निकलते ही मीडियाकर्मियों की कारों ने पीछा शुरू कर दिया। सबसे सुरक्षित माने जाने वाली दिल्ली में ऐसा कम ही होता है। सड़क पर अफरातफरी के बीच सुब्रतो पार्क के पास सीएम की कार एक बार तो डीटीसी की बस के आगे ही आ गई। ऐन मौके पर बस ड्राइवर ने ब्रेक लगा दिए जिससे हादसा टल गया। 
 
इसके बावजूद मीडियाकर्मियों की दौड़ जारी रही। सरदार पटेल मार्ग पर मुड़ते वक्त मीडियाकर्मियों की कारों ने सीएम के काफिले को ओवरटेक करने की कोशिश की। जंतर-मंतर के पास तो एक चैनल की टीम ने अपनी कार ठीक सीएम की कार के आगे लाकर खड़ी कर दी। रिपोर्टर उतरकर सीएम की कार तक भी पहुंच गया। आखिर, सुरक्षाकर्मियों ने बमुश्किल उसे हटाया। 42 मिनट की यह दौड़ मुख्यमंत्री के नीति आयोग की बैठक में पहुंचने तक चलती रही। बैठक में हिस्सा लेने के बाद मुख्यमंत्री को पिछले दरवाजे से बाहर निकाला गया। परिसर के बाहर जमा मीडिया को चकमा देने के लिए मुख्य द्वार से डमी काफिला दिल्ली में सीएम आवास रवाना किया गया। पत्रकार फिर पीछे लग गए। दिल्ली स्थित सीएम हाउस पर मीडिया का जमावड़ा लगा रहा। लेकिन मुख्यमंत्री एयरपोर्ट पहुंच गईं।
 
आलाकमान से नहीं मिली, बैठक में हिस्सा लेकर 6 घंटे में जयपुर लौटीं सीएम 
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे नीति आयोग की बैठक से सीधे जयपुर लौट आईं। ऐसा माना जा रहा था कि राजे प्रधानमंत्री मोदी या भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिल ललित मोदी मामले में अपना पक्ष रख सकती हैं। सवाल उठे तो उनके दफ्तर ने जयपुर में बयान जारी किया। दावा किया कि दिल्ली में सिर्फ नीति आयोग की बैठक में भाग लेने का कार्यक्रम था। किसी नेता से मिलने का नहीं। 
 
प्रधानमंत्री राजधर्म नहीं, राजे धर्म निभा रहे हैं : कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता अजय कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री राजे धर्म और ललित धर्म पर चल रहे हैं। राजधर्म नहीं निभा रहे हैं। लोकसभा चुनावों से पहले मोदी ने वादा किया था कि भ्रष्टाचार नहीं होने दूंगा। काले धन को वापस लाऊंगा। लेकिन अब वे ही काले धन के सबसे बड़े चौकीदार बने हुए हैं।
 
ललित मोदी : भगोड़ा या व्हिसल ब्लोअर
ललित मोदी का हर ट्वीट खबर बन रहा है। चाहे तारीफ हो, या कटाक्ष। पिछले 14 दिन में वे 155 से ज्यादा ट्वीट कर चुके हैं । 22 नेता-मंत्री-अफसरों पर आरोप लगा चुके हैं। उन पर करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप है, उन्हें भगोड़ा कहा जा रहा है, जबकि वे खुद को व्हिसल ब्लोअर साबित करने में जुटे हैं।
 
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