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यहां न सड़क थी ना शौचालय, दो साल में ऐसे बना स्मार्ट गांव

गांव की डिजिटल मैपिंग भी करवाई गई है। जिससे यह पता चलता है कि गांव की जमीन का ढलान किस तरफ है।

Dainik Bhaskar

Jul 17, 2016, 02:30 AM IST
यहां हर घर में शौचालय है, गांव में सीवर लाइन है। यहां हर घर में शौचालय है, गांव में सीवर लाइन है।
जयपुर. करीब दो साल पहले तक धौलपुर के धनोरा गांव में न सड़क थी, न ही शौचालय। दिखते थे तो कुछ पुराने पक्के मकान, जो इतने जर्जर कि कभी भी ढह जाएं। एक अति पिछड़े गांव की तस्वीर बयां करता था धनोरा। पढ़ें क्या हैं गांव की खासियत...
- आज यहां हर घर में शौचालय है, गांव में सीवर लाइन है।
- सीवर ट्रीटमेंट के लिए गांव के बाहर प्लांट भी लगाया है और यहां का ट्रीटेड पानी वापस गांवों में खेती के इस्तेमाल में भी लाया जा रहा है।
- ऐसा करने वाला धनोरा शायद देश का पहला गांव है। ये दो सालों में पिछड़े गांव से डिजिटल में तब्दील होने की हकीकत है।
- गांव को स्मार्ट बनाने का जिम्मा एक एनजीओ इको नीड्स फाउंडेशन ने उठाया।
- केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु इस एनजीओ के एडवाइजरी बोर्ड के मेंबर हैं।
नहर भी बनाई
- इसके संस्थापक प्रोफेसर प्रियनंद आग्ले ने बताया कि इस काम में सीएसआर फंड का इस्तेमाल किया गया।
- इसके अलावा गांव वालों और राज्य सरकार ने भी सहयोग दिया। उन्होंने बताया कि गांव में एक नहर भी बनाई है जिसे सभी खेतों से जोड़ा गया है। इसकी लंबाई करीब ढाई किलोमीटर है।
-इसके पौन किलोमीटर के हिस्से को ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जा चुका है और बाकी को बरसाती नाले से।
डिजिटल मैपिंग, बनाई गई कंकरीट की सड़कें
- गांव की डिजिटल मैपिंग भी करवाई गई है। जिससे यह पता चलता है कि गांव की जमीन का ढलान किस तरफ है।
- इससे यहां सीवर डालने में आसानी हुई। डिजिटल मैपिंग के आधार पर यहां कंकरीट की सड़कें भी बनाई गई हैं।
- सड़कों की चौड़ाई जहां 5 फीट तक थी उन्हें बढ़ाकर 15 फीट तक किया गया। इसके लिए गांवों में जो अतिक्रमण हो रहे थे उन्हें भी हटाया गया।
आगे की स्लाइड्स में देखिए इस गांव की फोटोज।
गांव को स्मार्ट बनाने का जिम्मा एक एनजीओ इको नीड्स फाउंडेशन ने उठाया। गांव को स्मार्ट बनाने का जिम्मा एक एनजीओ इको नीड्स फाउंडेशन ने उठाया।
इसके अलावा गांव वालों और राज्य सरकार ने भी सहयोग दिया। इसके अलावा गांव वालों और राज्य सरकार ने भी सहयोग दिया।
गांव की डिजिटल मैपिंग भी करवाई गई है। जिससे यह पता चलता है कि गांव की जमीन का ढलान किस तरफ है। गांव की डिजिटल मैपिंग भी करवाई गई है। जिससे यह पता चलता है कि गांव की जमीन का ढलान किस तरफ है।
सड़कों की चौड़ाई जहां 5 फीट तक थी उन्हें बढ़ाकर 15 फीट तक किया गया। सड़कों की चौड़ाई जहां 5 फीट तक थी उन्हें बढ़ाकर 15 फीट तक किया गया।
एक अति पिछड़े गांव की तस्वीर बयां करता था धनोरा। एक अति पिछड़े गांव की तस्वीर बयां करता था धनोरा।
Dhanora Smart Village of rajasthan
Dhanora Smart Village of rajasthan
Dhanora Smart Village of rajasthan
Dhanora Smart Village of rajasthan
Dhanora Smart Village of rajasthan
Dhanora Smart Village of rajasthan
Dhanora Smart Village of rajasthan
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यहां हर घर में शौचालय है, गांव में सीवर लाइन है।यहां हर घर में शौचालय है, गांव में सीवर लाइन है।
गांव को स्मार्ट बनाने का जिम्मा एक एनजीओ इको नीड्स फाउंडेशन ने उठाया।गांव को स्मार्ट बनाने का जिम्मा एक एनजीओ इको नीड्स फाउंडेशन ने उठाया।
इसके अलावा गांव वालों और राज्य सरकार ने भी सहयोग दिया।इसके अलावा गांव वालों और राज्य सरकार ने भी सहयोग दिया।
गांव की डिजिटल मैपिंग भी करवाई गई है। जिससे यह पता चलता है कि गांव की जमीन का ढलान किस तरफ है।गांव की डिजिटल मैपिंग भी करवाई गई है। जिससे यह पता चलता है कि गांव की जमीन का ढलान किस तरफ है।
सड़कों की चौड़ाई जहां 5 फीट तक थी उन्हें बढ़ाकर 15 फीट तक किया गया।सड़कों की चौड़ाई जहां 5 फीट तक थी उन्हें बढ़ाकर 15 फीट तक किया गया।
एक अति पिछड़े गांव की तस्वीर बयां करता था धनोरा।एक अति पिछड़े गांव की तस्वीर बयां करता था धनोरा।
Dhanora Smart Village of rajasthan
Dhanora Smart Village of rajasthan
Dhanora Smart Village of rajasthan
Dhanora Smart Village of rajasthan
Dhanora Smart Village of rajasthan
Dhanora Smart Village of rajasthan
Dhanora Smart Village of rajasthan
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