जयपुर. कुख्यात बदमाश आनंदपाल सिंह को फरार हुए करीब 150 दिन हो चुके हैं। इस मामले मे पुलिस की मिलीभगत के भी आरोप लग रहे हैं। अब जांच में सामने आया है कि आनंदपाल के साथी साेनू पावटा उर्फ सोहन सिंह ने जयपुर में पासपोर्ट मुरलीपुरा थाना पुलिस की मदद से बनाया था। इससे वो कई बार विदेश जाकर आ गया। क्या है आनंदपाल का मामला...
- आनंदपाल को फरार हुए करीब 150 दिन हो चुके हैं।
- 4 सितंबर को राजस्थान के परबतसर क्षेत्र से आनंदपाल सिंह पुलिस की हिरासत से फरार था।
- 11 फरवरी छह महीने बाद भी पीएचक्यू की 10 से ज्यादा टीमें तलाश में जुटी हैं।
- कुख्यात बदमाश आनंदपाल सिंह के फरार होने के बाद पुलिस ने थाना स्तर से लेकर पुलिस मुख्यालय तक 10 से ज्यादा टीमें बनाई।
- इन टीमों में करीब 150 अधिकारी और कर्मचारी शामिल किए। साथ ही एसओजी को स्पेशल टास्क दी गई।
- डीजीपी ने खुद मॉनिटरिंग का जिम्मा लिया। इन टीमों ने 6 माह में करीब 500 से अधिक जगह दबिश दी।
- चूरू, नागौर, जिले का चप्पा-चप्पा छान मारा, लेकिन आनंदपाल सिंह का पता नहीं लगा।
- टीमों ने अभी तक आनंदपाल सिंह को भगाने में सहयोग करने वाले और इसके लिए काम करने वाले 12 बदमाश गिरफ्तार किए हैं।
दुबई जाने के लिए साथी ने बनवाया फर्जी पासपोर्ट
आनंदपाल का गुर्गा और बदमाश सोनू सिंह ने मूल रूप से पावटा का रहने वाला है और डीडवाना थाने में उसका आपराधिक रिकार्ड है। फर्जी पासपोर्ट से साेनू आनंदपाल के व्यवसाय को संभालने के लिए कई बार दुबई जाकर आया।
आनंदपाल के गैंग में 200 गुर्गे
जसवंतगढ़ थाने के गांव सांवराद का रहने वाला है आनंदपाल। फिरौती मांगने, धमकी देने व हत्या के अब तक 31 मुकदमे दर्ज हुए। 200 से ज्यादा गुर्गे। 2006 में डीडवाना में जीवनराम गोदारा हत्याकांड के दौरान चर्चा में आया। फिर गैंगस्टर बन गया। 2012 में जयपुर के पास गिरफ्तारी हुई तो बुलेटप्रुफ जैकेट व एके 47 राइफलें मिली थीं। 3 सितंबर 2015 में पुलिस पर हमला कर भाग गया। अब तक फरार। 5 लाख रुपए का इनाम।
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