जयपुर. जीआरपी जयपुर ने गेंडे के प्रतिबंधित सींग तस्करी मामले में बुधवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार कर वन्य जीवों के अंगों की तस्करी के जयपुर के राजापार्क से चल रहे गोरखधंधे का खुलासा किया है।
मामले में गिरफ्तारी के बाद वन्य जीवों की तस्करी का मुख्य सरगना हिमालया फर्म संचालक अनुराग तिवारी राजापार्क स्थित घर से फरार हो गया। जीआरपी ने उसकी तलाश शुरू कर दी है।
थानाधिकारी जीआरपी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि नवादा बिहार निवासी मनोज चौहान को गिरफ्तार किया है। वह हिमालया कंपनी में केरियर का काम करता है। मुख्य आरोपी फर्म का संचालक अनुराग तिवाडी फरार हो गया। उसके घर से कार, 12 बोर की दो बंदूक, तलवार, तांबा व पीतल से बनी छोटी तोप बरामद की है।
हिमालया कंपनी के कर्मचारी बिहार निवासी शंकर साव की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में मनोज और मुख्य सरगना अनुराग का पता चला था। उसी ने दिल्ली, मुंबई व कोलकाता के साथ राजापार्क में भी ऑफिस व गोदाम होने की जानकारी दी। आरोपी मनोज चौहान तीन वर्ष से अनुराग का काम संचालित कर रहा है।
कार्रवाई की भनक लगते ही सरगना फरार
जीआरपी की कार्रवाई की भनक लगते ही मुख्य सरगना अनुराग तिवारी गायब हो गया। बुधवार को उसके ऑफिस व गोदाम पर छापा मारा गया। वह 8 फरवरी को तिवारी जयपुर में ही था। जांच में पता चला कि कार्रवाई की भनक लगते ही अनुराग राज्य से बाहर भाग निकला है। पड़ोसी राज्यों की पुलिस को अनुराग के बारे में सूचना दी है। पुलिस ने तिवारी की निसान कार को भी बरामद कर जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों को राज्य के बाहर जांच के लिए टीम के साथ भेजा है।
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