JLF: असहिष्णुता पर बोले करन जौहर, मन की बात कहनी हो तो भारत सबसे मुश्किल देश / JLF: असहिष्णुता पर बोले करन जौहर, मन की बात कहनी हो तो भारत सबसे मुश्किल देश

सिर्फ मंच ही नहीं, साहित्य सम्मेलन के गलियारों और उनमें चली चर्चाआें में भी असहिष्णुता विवाद ही हावी रहा।

Jan 22, 2016, 02:52 AM IST
जयपुर. यहां लिटरेचर फेस्टिवल की शुरुआत विवादों से हुई है। राइटर्स-सेलिब्रिटीज के बीच इन्टॉलरेंस का मुद्दा हावी हो रहा है। करन जौहर का कहना है कि फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन भारत में सबसे बड़ा जोक है और डेमोक्रेसी उससे भी बड़ा मजाक है। जबकि रस्किन बॉन्ड मानते हैं कि अवॉर्ड्स लौटाना ठीक नहीं है। वहीं, उदय प्रकाश जैसे राइटर्स इन्टॉलरेंस के मसले पर अवॉर्ड वापसी को सही मानते हैं।
करन जौहर पर कौन-सा केस हुआ था जो उन्हें लिटरेचर फेस्टिवल में याद आ गया...
- ‘अनसूटेबल ब्वॉय’ सेशन में शोभा डे से बातचीत के दौरान करन ने कहा, "आप मन की बात कहना चाहते हैं या अपनी निजी जिंदगी के राज खोलना चाहते हैं तो भारत सबसे मुश्किल देश है।"
- ''मुझे तो लगता है जैसे हमेशा कोई लीगल नोटिस मेरा पीछा करता रहता है। किसी को पता नहीं कब उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो जाए।''
- ''14 साल पहले मैंने नेशनल एंथम के अपमान का केस को झेला है। अपना पर्सनल ओपिनियन रखना और डेमोक्रेसी की बात करना, ये दोनों ही मजाक हैं। हम फ्रीडम ऑफ़ स्पीच की बात करते हैं, पर अगर मैं एक सेलिब्रिटी होने के नाते अपनी राय रख भी दूं तो एक बड़ी कॉन्ट्रोवर्सी बन जाती है।''
फेस्टिवल में सीनियर राइटर रस्किन बॉन्ड ने क्या कहा?
- "अवॉर्ड्स कोई बेजान चीज नहीं, ये लोगों का प्यार है। इसे लौटाना या ठुकराना ठीक नहीं है।''
- ''जैसे इन्टॉलरेंस, इन्टॉलरेंस को जन्म देता है, वैसे ही टॉलरेंस से टॉलरेंस फैलता है। जब आप और मैं तय कर लेंगे कि हमें टॉलरेंट बनना है तो दुनिया बदल जाएगी।''
- ''लेखक शब्दों से दूरियां पाटने की ताकत रखते हैं, उनकी टॉलरेंस कैपेसिटी ज्यादा जरूरी है।''
इस फेस्टिवल में कैसे उठा इन्टॉलरेंस का मुद्दा...
- दरअसल, इन्टॉलरेंस के मुद्दे पर अवॉर्ड लौटाने वाले राइटर्स और अवॉर्ड वापसी का विरोध करने वाली हस्तियों को खास तौर पर जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में इनवाइट किया गया है।
- इस फेस्टिवल में अशोक वाजपेयी, उदय प्रकाश और नंद भारद्वाज जैसे राइटर्स को बुलाया गया जो साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा चुके हैं।
- वहीं, रस्किन बॉन्ड, शोभा डे और अनुपम खेर जैसी हस्तियों को भी बुलाया गया जो इन्टॉलरेंस पर लेकर चल रही बहस को बेकार बता चुके हैं।
- लिहाजा जेएलएफ में इन्टॉलरेंस का मुद्दा हावी होना तय माना जा रहा था।
किस वजह से उठा था देश में इन्टॉलरेंस का मसला?
- पिछले साल सितंबर में उत्तर प्रदेश के दादरी में एक शख्स की गोमांस रखने के शक में हत्या कर दी गई थी।
- इससे पहले लेखक एमएम. कलबुर्गी की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
- अवॉर्ड वापसी की शुरुआत हुई। कई लेखकों, फिल्मकारों और वैज्ञानिकों ने देश में बढ़ते कथित इन्टॉलरेंस के माहौल के विरोध में पुरस्कार लौटा दिए।
- आमिर खान, शाहरुख खान, एआर रहमान और अरुंधति रॉय जैसी शख्सियतों ने इस मुद्दे पर बयान दिए, जो विवादों में रहे।
- अपोजिशन ने बीजेपी और उसके सपोर्टर्स पर देश में धार्मिक आधार पर तनाव भड़काने का आरोप लगाया था।
- कई सेंट्रल मिनिस्टर्स ने कहा था कि कांग्रेस समेत कई पार्टियां सरकार की इमेज खराब करने की कोशिश कर रही हैं।
इन्टॉलरेंस पर बयान देकर विवादों में आ चुकी हैं ये सेलिब्रिटीज...
- नवंबर में आमिर ने एक मीडिया ग्रुप के अवॉर्ड फंक्शन में कहा, "देश का माहौल देखकर एक बार तो पत्नी किरण ने बहुत बड़ी और डरावनी बात कह दी थी। किरण ने पूछा था कि क्या हमें देश छोड़ देना चाहिए? किरण बच्चे की हिफाजत को लेकर डर महसूस कर रही थीं।" (पढ़ें पूरी खबर)
- इस बयान के बाद वे विवादों में आ गए। दो दिन बाद उन्हें सफाई भी देनी पड़ी कि वे देश छोड़कर नहीं जाने वाले। (पढ़ें पूरी खबर)
- नवंबर में ही शाहरुख खान ने देश के माहौल को लेकर चिंता जताई थी। शाहरुख ने कहा था, ''देश में इन्टॉलरेंस बढ़ रहा है। ऐसे में, अगर मुझे कहा जाता है तो एक सिम्बॉलिक जेस्चर के तौर पर मैं भी अवॉर्ड लौटा सकता हूं।''
- दिसंबर में लखनऊ लिटरेचर फेस्ट में शबाना ने कहा था, “1992 में मुझे पहली बार इस बात का अहसास हुआ कि मैं मुसलमान हूं। हर कोई कहने लगा- “ओह, आप तो मुस्लिम हैं। इस देश में मजहब को ही पहचान बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ये इंडिया की पहचान नहीं है। जब तक इंसान हैं, तब तक इन्टॉलरेंस रहेगा। लेकिन जब यह लॉ एंड ऑर्डर की प्रॉब्लम बन जाए तो सरकार को इससे निपटना चाहिए।'' (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें अवॉर्ड लौटाने वाले उदय प्रकाश ने कहा- सड़क से लेकर पानी के नल तक इन्टॉलरेंस है...
X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना