भूतों के गढ़ में लड़के-लड़कियों की शराब पार्टी, खौफ के बीच रातभर होती है मस्ती

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अलवर. एशिया की सबसे डरावनी जगह यानी अलवर का भूतहा शहर भानगढ़, जो ना केवल भारत में बल्कि दुनिया में अपने डरावने रूप को लेकर जाना जाता है। राजस्थान आने वाला हर पर्यटक यहां की कहानी जानने को उत्सुक रहता है। इस प्रचलित कहानी सब जानते भी है। इस किले में पर्यटकों को रात में जाने की इजाजत नहीं दी जाती है। रात होते ही यह किला बंद कर दिया जाता है। अंधेरे में यहां की फिजाओं में डर का वर्चस्व चारों तरफ अपनी मौजूदगी दिखा रहा होता है। अब हम आपको एक दूसरी कहानी से रूबरू कराएंगे, जो रात की है। रोक के बावजूद देररात यहां शराब के नशे में चूर लड़के-लड़कियां पार्टी करने पहुंचे हैं। सौ से दो सौ रुपये देकर घुस जाते हैं लोग...
 
- रात करीब 1 बजे रिपोर्टर भानगढ़ पहुंचा..... ये जानने के लिए कि आखिर यहां रात्री में होता क्या है।
- पुरातत्व विभाग की ओर से यहां पांच गार्ड रात्री ने तैनात रहते हैं जो हथियार बंद हैं और किसी भी मनुष्य के लिए सूर्यास्त से लेकर सूर्योदय तक भानगढ़ के अंदर प्रवेश करने की मनाही है।
- लेकिन यहां के गार्ड सौ से दो सौ रुपये लेकर रात्री में बाहर से आने वाले लोगों को अंदर प्रवेश कराते हैं जिनमें लड़कों के साथ ही शराबी और लड़कियां भी शामिल हैं।
 
क्या है भानगढ़ की कहानी
 
- भानगढ़ किला 17वीं शताब्दी में महाराजा माधो सिंह द्वारा बनवाया गया था। किले में डरावनी आत्माओं का वास बताया जाता है।
- इस जगह के भुतहा होने के पीछे एक रहस्यमयी घटना जुड़ी हुई है।
- किसी समय यहां एक तांत्रिक रहता था। वह भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावती की सुंदरता पर मोहित हो गया।
- उसने राजकुमारी को अपना बनाने के लिए काले जादू का सहारा लिया, लेकिन वह असफल हुआ।
- इस बात का राजा को पता चलने पर उसे मौत के घाट उतार दिया गया।
 
तांत्रिक ने दिया था श्राप 
 
- मरते-मरते तांत्रिक भानगढ़ रियासत को श्राप दे गया, कि यहां के रहने वाले लोगों की आत्माओं को कभी मुक्ति नहीं मिलेगी।
- उस दिन से इस शहर के उजड़ने की कहानी शुरू हुई, जो शहर के पूरी तरह खत्म होने पर ही रुकी। आज यहां इमारतों के केवल खंडहर बचे हैं।
- यहां के स्थानीय निवासी बताते हैं कि रात के समय इस किले से तरह तरह की भयानक आवाजें आती हैं।
- उनका तो यह भी कहना है कि आज तक रात के समय जो भी इस किले के अंदर गया वह वापस नही लौटा, लेकिन भानगढ़ के इस भुतहा... अंधेरे में यहां की फिजाओं में डर का वर्चस्व चारों तरफ अपनी मौजूदगी दिखा रहा होता है।
 
आगे की स्लाइड्स में पढ़िए हमारा रिपोर्टर रात एक बजे मुख्य द्वारा पर पहुंचा तो वहां के हालात देख हैरान रह गया। आप यहां के गार्ड की मुंह जुबानी सुनिए ... सब कुछ- 
 
 
खबरें और भी हैं...