मिर्धा किडनैपिंग केस: : डीजीपी बाेले - जमा कराया था जब्त यूरेनियम का पैकेट

4 वर्ष पहले
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जयपुर.  राजेन्द्र मिर्धा अपहरण कांड केस में शुक्रवार को मौजूदा डीजीपी तत्कालीन आईजी मनोज भट्ट ने एडीजे कोर्ट (3) में बयान दिए। अपर लोक अभियोजक राजेन्द्र डांगरवाड़ा ने बताया कि डीजीपी करीब 12 बजे अदालत में उपस्थित हुए।  डीजीपी ने बयानों में कहा कि इस मामले में तत्कालीन एडीजी देवेन्द्र सिंह ने भाभा परमाणु केन्द्र के नाम पर एक पत्र तत्कालीन आईजी ओमेन्द्र भारद्वाज को दिया था।
 
इस पत्र में वैशाली नगर थाने में आतंकी हरनेक सिंह के खिलाफ की गई कार्रवाई दर्ज मुकदमे में जब्त यूरेनियम-235 को भाभा परमाणु केन्द्र में जमा कराए जाने का निर्देश था। वे इस पत्र के साथ जब्त यूरेनियम को एक सील बंद पैकेट में लेकर भाभा परमाणु केन्द्र गए और उन्होंने इस पैकेट को वहां पर जमा कराया था।
 
गौरतलब है कि राजेन्द्र अपहरण मिर्धा कांड में कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने विस्फोटक सामान अन्य हथियार जब्त किए थे।  बता दें कि आतंकियों ने अपने साथी आतंकी को छुड़वाने के लिए 17 फरवरी 1995 को सी स्कीम से कांग्रेसी नेता रामनिवास मिर्धा के बेटे राजेन्द्र मिर्धा का अपहरण किया था और घटना के कुछ दिनों बाद पुलिस ने आतंकियों के कब्जे से मिर्धा को छुड़वाया था। इस मामले में पुलिस ने तीन मामले अशोक नगर पुलिस थाने, मालवीय नगर वैशाली नगर में दर्ज किए थे। 
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