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यूडी टैक्स वसूली में पहले पिछड़ा निगम, अब बिना सूचना कुर्की

5 वर्ष पहले
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जयपुर. नगरीय विकास कर वसूलने के लिए लगातार तीसरे दिन नगर निगम ने बकायादारों के प्रतिष्ठानों पर कुर्की के ढोल बजवाए। बुधवार को ऑर्बिट मॉल को सील कर दिया।
टैक्स वसूली में नगर निगम की तत्परता ठीक है, मगर इसे ही तत्परता कहा जाए तो 667 करोड़ रुपए का टैक्स बकाया क्यों चल रहा है? क्यों इस साल 180 करोड़ वसूली का लक्ष्य बनाने वाले निगम के अफसर सिर्फ 25 करोड़ रुपए वसूल पाए? सवाल चर्चा में हैं। हां, अगर तय लक्ष्य को लेकर निगम प्रशासन गंभीर है तो स्मार्ट सिटी बनाने के पहले साल का खर्च तो आसानी से उठा सकता है। तमाम वसूली कर ली जाए तो निगम को पैसे का रोना क्यों रोना पड़े।
स्मार्ट सिटी के लिए फंड जुटाना नगर निगम के लिए चुनौती बना हुआ है। पहले फेज के लिए 200 करोड़ रु. केंद्र सरकार और 200 करोड़ रु. राज्य सरकार से मिलेंगे, जबकि इसका 20 फीसदी अंशदान यानी 80 करोड़ रु. निगम को देना है, जो उसके पास है ही नहीं।
हालांकि निगम अपने दम पर स्मार्ट सिटी के पहले साल का खर्च उठा सकता है, बशर्ते वह एक साल में सिर्फ नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) वसूली का लक्ष्य पूरा कर ले। इस साल 667 करोड़ 86 लाख रु. टैक्स वसूलना है। इस हिसाब से स्मार्ट सिटी के लिए केंद्र व राज्य पर निर्भरता खत्म हो सकती है। इसी के मद्देनजर यूडी टैक्स नहीं चुकाने वालों की कुर्की की जाने लगी है।
आगामी बजट में लक्ष्य तो बढ़ाया, वसूल पाएंगे
- 667.86 करोड़ है शहर में कुल यूडी टैक्स
-1,16,461 बकायादारों को नोटिस दिए इस साल
- 5 लाख से ज्यादा बकाया वाले 758 नोटिस: 336 करोड़ 29 लाख रु. वसूलने हैं।
- 50 हजार से 5 लाख रु. के बीच 15462 बकायादारों से 177 करोड़ 44 लाख रु. वसूलने हैं।
- 50 हजार तक बकाया वाले 1 लाख 241 लोगों को नोटिस दिए, जिनसे 156 करोड़ 13 लाख रु. वसूलने हैं।
180 करोड़ में से सिर्फ 25 करोड़ रु. वसूले
2015-16 में यूडी टैक्स से 150 करोड़ रु. के बजाय सिर्फ 25 करोड़ रु. आय हुई। वह भी तब जब वसूली लक्ष्य 85 करोड़ रु. कर दिया गया। अब आगामी (2016-17) बजट में निगम ने यूडी टैक्स का वसूली लक्ष्य पिछले साल के मुकाबले बढ़ाकर 180 करोड़ रु. किया है, लेकिन अभी तक सिर्फ 25 करोड़ रु. वसूले गए हैं।
जो कर नहीं देंगे उनकी कुर्की की जाएगी
इस साल वसूली लक्ष्य बढ़ाया गया है। हम 100 करोड़ रु. से अधिक नगरीय विकास कर वसूलेंगे। जो नहीं देंगे उनकी कुर्की की जाएगी। सभी जोन उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं। -राकेश शर्मा, अतिरिक्त कमिश्नर, निगम व राजस्व उपायुक्त निगम
एमआई रोड पर साड़ी शोरूम व मोटर्स को भी सील किया
ऑर्बिट मॉल के अलावा निगम की टीम ने चार अन्य जगहों पर भी कुर्की की कार्रवाई की। ऑर्बिट मॉल के बाद कुर्की की दूसरी कार्रवाई एमआई रोड चर्च रोड स्थित जनक नंदनी शोरूम पर की गई, इस पर 6 लाख 22 हजार रुपए यूडी टैक्स के बकाया थे। इसके बाद निगम ने टोंक रोड लक्ष्मी मंदिर के पास गुरुविंदर कौर पर 5 लाख 33 हजार 709 रुपए बकाया होने पर शॉपिंग सेंटर की कुर्की की गई।
साथ ही एमआई रोड के प्रेमनाथ मोटर्स पर 10लाख 20 हजार रुपए यूडी टैक्स बकाया था और चमेली मार्केट में शान ए इलाही पर 4लाख 79 हजार रुपए यूडी टैक्स जमा नहीं कराने पर कुर्की के तहत सील की कार्रवाई की गई। हालांकि सिविल लाइन जोन में पांच में से चार भवन मालिकों ने यूडी टैक्स के बकाया पैसे चेक से जमा करवा दिए जिस पर भवनों की सील खोल दी गई है।
मानसरोवर जोन में भी दो बिल्डिंगों की कुर्की
मानसरोवर जोन में अनुकम्पा आवास विकास प्राइवेट लिमिटेड सोडाला अशोकपुरा मैन अजमेर रोड जयपुर पर 9 वर्ष का 6 लाख 6 हजार 814 रुपए यूडी टैक्स का बकाया होने पर कुर्की की गयीं। विवेक विहार कॉलोनी के कृष्णपाल सिंह भवन पर 5 लाख 83 हजार 86 रुपए बकाया यूडी टैक्स जमा नहीं कराने पर कुर्की की कार्रवाई की गई।
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